कुशीनगर में इंतजार, नेपाल के भैरहवा से खाड़ी देशों के लिए उड़ान तैयार; पूर्वांचल के ट्रैवल एजेंटों ने भी शुरू की बुकिंग

गोरखपुर: कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का इंतजार लंबा खिंच रहा है। वहीं पड़ोसी देश नेपाल के भैरहवा से खाड़ी देशों के लिए उड़ान अगले 15 मई से शुरू होने जा रही है। गोरखपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में ट्रैवल एजेंट ने टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी है। सप्ताह में तीन दिन उड़ान होगी। यात्रियों को 15 हजार रुपये किराया देना होगा।

नेपाल के सौनोली बार्डर से बमुश्किल चार किलोमीटर दूरी पर स्थित भैरहवा इंटरनेशल एयरपोर्ट से आगामी 15 मई से उड़ानें शुरू हो रही हैं। 15 मई से कुवैत के लिए जजीरा एयरलाइंस की सप्ताह में तीन दिन उड़ान होगी। यात्रियों को 60 दीनार यानी करीब 15 हजार रुपये किराया देना होगा। इसमें सभी कर शामिल होंगे। वहीं रिटर्न टिकट 139 कुवैती दीनार में मिलेगा। यानी किराया करीब 34 हजार होगा। नई सुविधा के बाद गोरखपुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ से लेकर गाजीपुर के कई कामगार ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से टिकट की बुकिंग करा रहे हैं।

ट्रैवल एजेंट बासुकी नाथ का कहना है कि ‘अभी कुवैत समेत खाड़ी देशों के लिए उड़ान दिल्ली, कोलकाता से ही उपलब्ध है। दिल्ली से भी कुवैत का किराया 15 हजार रुपये है। गोरखपुर-बस्ती मंडल और आसपास के जिलों से सैकड़ों लोग कुवैत के लिए टिकट बुक कर रहे हैं। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए सेवा नहीं शुरू होने से हजारों लोग निराश हैं।’ दरअसल, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, महराजगंज, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़ आदि जिलों के बड़ी संख्या में लोग काम के सिलसिले में खाड़ी देश जाते हैं। नेपाल के भैरहवा की दूरी इन जिलों से दिल्ली की अपेक्षा काफी कम है। इसी को देखते हुए कुवैत की जजीरा एयरवेज ने उड़ान शुरू की है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper