कृषि विज्ञान केन्द्र, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली द्वारा “शूकर पालन उद्यमिता विकास” पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

बरेली: कृषि विज्ञान केन्द्र, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर द्वारा “शूकर पालन उद्यमिता विकास” विषय पर दिनांक 30 अगस्त 2022 से 02 सितंबर 2022 तक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । चार दिवसीय कार्यक्रम के आरंभ मे डॉ. बृज पाल सिंह, अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र ने अपने संबोधन मे बताया कि बीते तीन दशको से कृषि विज्ञान केंद्र बरेली प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग प्रदान कर कृषको एवं युवाओ को शूकर पालन अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है जिसके परिणामस्वरूप आज बरेली जनपद मे कृषक एवं युवा सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति से ऊपर उठकर शूकर पालन मे रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं।

आपने , कृषि विज्ञान केन्द्र, से प्रेरणा प्राप्त कर सफलतापूर्वक शूकर पालन कर रहे कृषको की चर्चा कर उनके व्यावसायिक मॉडल की जानकारी दी। चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कृषको व युवाओं को शूकरों की विभिन्न नस्ले एवं वैज्ञानिक प्रबंधन, आवास प्रबंधन, चयन एवं प्रजनन प्रबंधन, शूकरों का रख रखाव, कम लागत मे संतुलित आहार बनाने की विधि, विभिन्न अवस्थाओ मे पोषण प्रबंधन, रोगो का नियंत्रण एवं रोकथाम, आंतरिक एवं बाह्य परजीवी नियंत्रण, शूकरो मे प्रजनन की समस्या तथा निदान, शूकर फार्म का दैनिक प्रबंधन, शूकर फार्म मे जैव सुरक्षा, शूकर फार्म मे रखे जाने वाले रिकॉर्ड, शूकर फार्म का आर्थिक मूल्यांकन, माँस उत्पादन एवं प्रसंस्करण तथा शूकर पालन प्रोत्साहन हेतु सरकारी योजनाओ के माध्यम से वित्तीय सहयोग के बारे मे विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम मे कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ तथा भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के विभिन्न विभागों के वैज्ञानिकों ने व्याख्यान द्वारा जानकारी प्रदान की और कृषको के साथ उनकी समस्याओ पर चर्चा की।

कार्यक्रम मे कृषको के प्रोत्साहन हेतु कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़े सफल कृषको की कहानी भी चलचित्र के माध्यम से दिखाई गई और कृषि विज्ञान केंद्र के प्रदर्शन फार्म तथा भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के संग्रहालय, कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र का भ्रमण कराकर प्रतिभागियो को आवश्यक व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।  कार्यक्रम के समापन समारोह मे डॉ. महेश चन्द्र, संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) उपस्थित रहे। उन्होने अपने संबोधन में प्रतिभागियो का उत्साहवर्धन किया और संस्थान द्वारा शूकर पालन प्रोत्साहन हेतु किये जा रहे प्रयासो की जानकारी दी। आपने उदाहरण देकर बताया की शूकर पालन संबन्धित नवीन प्रौद्योगिकियों के उपयोग से शूकर पालन और भी आसान हुआ है और शूकर उत्पादन में भी वृद्धि देखी गई है, यही नहीं उत्पादन लागत कम होने से आय मे भी बढ़ोतरी  होती है।

उन्होने प्रतिभागियों को आगे भी नवीन तकनीकी जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र से जुड़े रहने की सलाह दी और प्रतिभागियों से प्रशिक्षण प्रतिक्रिया प्राप्त कर प्रमाण पत्र वितरित किए । कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण पूर्व एवं पश्चात मूलयांकन भी किया गया। कार्यक्रम मे प्रदेश के बरेली, पीलीभीत, मथुरा, मुरादाबाद, कासगंज जनपद से आए 45 कृषको ने अपनी प्रतिभागिता दर्ज की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के कोर्डिनेटर डा. शार्दुल विक्रम लाल थे ।

बरेली से ए सी सक्सेना की रिपोर्ट

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- -----------------------------------------------------------------------------------------
----------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper