केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान 16 जुलाई आईआईटी कानपुर में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी और यदुपति सिंघानिया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की आधारशिला रखेंगे

कानपुर: केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर परिसर में 16 जुलाई, 2022, को गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी और यदुपति सिंघानिया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। समारोह की अध्यक्षता आईआईटी कानपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ के राधाकृष्णन करेंगे।

आईआईटी कानपुर ने, इंजीनियरिंग, विज्ञान और मानविकी विषयों में अपनी अंतर्निहित ताकत के साथ, परिसर में अपनी तरह का एक अनूठा मेडिकल स्कूल स्थापित करने की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शुरू किया है। इंडिगो एयरलाइंस के सह-संस्थापक श्री राकेश गंगवाल के उदार योगदान का सम्मान करने के लिए स्कूल को अब ‘द गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी’ नाम दिया जा रहा है। मेडिकल स्कूल में 450 से अधिक बिस्तरों वाला यदुपति सिंघानिया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कैंसर देखभाल और अनुसंधान के लिए 50 बिस्तरों वाला केंद्र, एक अकादमिक ब्लॉक, आवासीय ब्लॉक और भविष्य की चिकित्सा में अनुसंधान एवं विकास के लिए उत्कृष्टता के कई केंद्र (सीओई) होंगे। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जेके सीमेंट्स लिमिटेड के सीएसआर सहयोग से बनाया जा रहा है। रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए अकादमिक ब्लॉक और आवासीय ब्लॉक क्रमशः आईबीएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और आरईसी फाउंडेशन से सीएसआर अनुदान के साथ बनाए जा रहे हैं।

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने कहा, “हमें बेहद खुशी है कि आईआईटी कानपुर परिसर में एक मेडिकल स्कूल की स्थापना की यह महत्वाकांक्षी परियोजना उस चरण में आ गई है जहां हम उसकी आधारशिला रखने जा रहे हैं। गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी और यदुपति सिंघानिया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की परिकल्पना देश में चिकित्सा जरूरतों के लिए तकनीकी समाधान प्रदान करने और स्वास्थ्य देखभाल वितरण में प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग के लिए की गई है। हम परिसर में सम्मानित अतिथियों की मेजबानी करने के लिए उत्सुक हैं।”

प्रो. सुब्रमण्यम गणेश, उप निदेशक, आईआईटी कानपुर, जो जीएसएमएसटी की स्थापना के लिए टास्क फोर्स के प्रमुख भी हैं, ने कहा, “यह वास्तव में एक महत्वपूर्ण अवसर है जिसकी हम प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस मेडिकल स्कूल का उद्देश्य देश में चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव के साथ देश के लिए अगली पीढ़ी के चिकित्सा पेशेवरों को प्रशिक्षित और पोषित करना है।

संस्थान ने सभी डोनरों, पूर्व छात्रों, मेडिकल स्कूल के सलाहकार बोर्ड के सदस्यों, मंत्रालय के अधिकारियों, कानपुर शहर प्रशासन के सदस्यों, शहर के डॉक्टरों, स्वास्थ्य अधिकारियों, अन्य संस्थानों और उद्योगों के सहयोगियों आदि को आमंत्रित किया है। इस अवसर की शोभा बढ़ाने वाले कुछ दानदाताओं में श्री मुक्तेश पंत, संस्थापक, मिकी और विनीता पंत चैरिटेबल फाउंडेशन; श्री हेमंत जालान, संस्थापक, इंडिगो पेंट्स लिमिटेड; आईबीएम इंडिया प्रा० लिमिटेड टीम, आरईसी फाउंडेशन टीम, और इसी तरह, समारोह में शामिल होने वाले अन्य उल्लेखनीय सदस्यों में श्री सौरभ चंद्र, आईएएस, पूर्व सचिव, भारत सरकार, श्री गौतम खन्ना, सीईओ, पी.डी. हिंदुजा अस्पताल, डॉ विवेक देसाई, संस्थापक, एमडी, HOSMAC इंडिया प्रा० लिमिटेड, डॉ विक्रम मैथ्यूज, हेमेटोलॉजी विभाग, सीएमसी वेल्लोर भी उपस्थित होंगे ।

आईआईटी कानपुर के बारे में:
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर की स्थापना 2 नवंबर 1959 को संसद के एक अधिनियम द्वारा की गई थी। संस्थान का विशाल परिसर 1055 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें 19 विभागों, 22 केंद्रों और 5 अंतःविषय कार्यक्रमों के साथ इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन विषयों में शैक्षणिक और अनुसंधान संसाधनों के बड़े पूल के साथ 522 पूर्णकालिक फैकल्टी सदस्य और लगभग 9000 छात्र हैं। औपचारिक स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अलावा, संस्थान उद्योग और सरकार दोनों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास में सक्रिय योगदान देता है।

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