केंद्र ने राज्यों से कहा, गतिविधियों के लिए जोखिम मूल्यांकन आधारित दृष्टिकोण अपनाएं

नई दिल्ली: देशभर में कोविड के मामलों में गिरावट के बीच केंद्र ने बुधवार को राज्यों से आर्थिक व सामाजिक गतिविधियां शुरू करने के लिए जोखिम मूल्यांकन आधारित दृष्टिकोण अपनाने को कहा। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, देशभर में कोविड-19 मामलों में निरंतर और गहरी गिरावट को ध्यान में रखते हुए राज्य और केंद्रशासित प्रदेश आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए विभिन्न उपाय कर रहे हैं। महामारी के खिलाफ लड़ाई में अब तक हुए लाभ को खोए बिना आर्थिक और सामाजिक गतिविधियां शुरू करने में जोखिम मूल्यांकन-आधारित दृष्टिकोण का पालन करने की जरूरत है।

कोविड-उपयुक्त व्यवहार के परीक्षण, ट्रैक, उपचार, टीकाकरण और पालन के लिए पांच-गुना रणनीति पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, सामाजिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और त्योहार से संबंधित और अन्य सभाओं और सभाओं को फिर से शुरू किया जा सकता है, इन गतिविधियों को अनुमति देने का निर्णय संबंधित राज्यों द्वारा किया जाएगा, जो सिद्धांतों द्वारा विधिवत निर्देशित होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में बिना किसी रोक-टोक के ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू की जा सकती हैं। सरकारी और निजी कार्यालय बिना किसी क्षमता प्रतिबंध के फिर से शुरू हो सकते हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि सार्वजनिक परिवहन बिना किसी सीमा के भी चल सकता है। भूषण ने राज्यों से सभी सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसे मानदंडों को लागू करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा, ऐसी सभी गतिविधियों की अनुमति देते समय, यह अनिवार्य है कि सभी सार्वजनिक स्थानों पर मास्क के उपयोग और शारीरिक दूरी सहित कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन किया जाए।

कोविड मानदंडों में और ढील देने के संबंध में साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर परीक्षण के निरंतर और महत्वपूर्ण स्तर के आधार पर नए मामलों के उभरते आंकड़ों की निरंतर समीक्षा होनी चाहिए।

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