केजरीवाल बताएंगे झुग्गीवालों को राशन योजना की सच्चाई

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल व सरकार के अन्य विधायक अगले हफ्ते से अपने इलाकों की झुग्गियों में जाएंगे। वे लोगों को बताएंगे की राशन की डोर स्टेप डिलीवरी जैसी गरीबों के हित की योजना को भाजपा के इशारे पर उपराज्यपाल ने स्वीकृति नहीं दी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में लगभग 3000 राशन की दुकानें हैं। ये दुकानें या तो भाजपा के लोगों की हैं या कांग्रेस के।

इसीलिए ये लोग राशन की डोर स्टेप डिलीवरी योजना को लागू नहीं होने देना चाहते। उन्होंने कहा कि इस योजना को लागू कराने के लिए वे खुद उपराज्यपाल से मिलने गए। उनसे कहा गया की योजना में कोई आपत्ति हो तो बताएं। मगर, उन्होंने योजना को रद्द करने के पहले एक बार भी मुख्यमंत्री से बात करना बेहतर नहीं समझा। उन्होंने कहा कि यदि यह योजना लागू होती तो राशन वितरण में भ्रष्टचार खत्म होता और गरीब लोगों को उनका राशन मिल पाता। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग 70 लाख लोग राशन लेते हैं।

उन्होंने कहा कि हम लोगों को बताएंगे कि किस तरह उनके उनके लाभ की योजन को राजनीति के चलते लागू नहीं होने दिया गया। विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने आम लोगों के बीच एक सव्रे कराया। इसमें दिल्ली के लोगों ने कहा कि चार सालों में केंद्र सरकार कई मोर्चो पर फेल रही, वहीं दिल्ली सरकार ने कई क्षेत्रों में बेहतर काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार व दिल्ली की ‘आप’ सरकार को लोगों ने भारी बहुतम दे कर बड़ी उम्मीदों से जिताया था।

मगर, केंद्र सरकार के चार सालों की सरकार में जितने बैंक घोटाले हुए उतने आजादी के बाद कभी भी नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अब आम लोग बैंक में पैसे जमा करने में डरने लगे हैं।

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