केजीएमयू से मेरा भावात्मक लगाव है: आशुतोष टण्डन

लखनऊ। चिकित्सा शिक्षा एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन ने बुधवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के नवनिर्मित महिला छात्रावास एवं संकाय सदस्यों के लिए टाईप-अ आवास को लोकार्पण किया। इस मौके पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, कुलपति प्रो.एम.एल.बी.भट्ट और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एस.एन.शंखवार प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

इस मौके पर बोलते हुए कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों मे ई हास्पिटल की व्यवस्था पर कार्य चल रहा है। केजीएमयू में ई हास्पिटल का कार्य काफी हद तक पुरा हो चुका है। केजीएमयू का नाम देश और विदेश में सभी जगहों पर बड़े सम्मान से लिया जाता है। यहां की सभी आवश्यकताओं को शासन द्वारा धीरे-धीरे पूरा किया जायेगा। चिकित्सा विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों के लिए विश्वविद्यालय परिसर में रहना अनिवार्य है। इसलिए इनको आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। केजीएमयू से मेरा भावात्मक लगाव है। यहां की समस्याओं को मैं दूर करने का हर सम्भव प्रयास करूंगा। शासन द्वारा इसमें हर सम्भव सहयोग दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा विश्वविद्यालय का अब यह प्रांगण छोटा पडऩे लगा है। इसलिए चिकित्सा विश्वविद्यालय के विकास के लिए इसको द्वितीय प्रांगण दिलाने के लिए प्रयास करूंगा। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में तेजी से विकास कार्यों को कर रही है। आजादी के बाद से अब तक प्रदेश में केवल 13 मेडिकल कॉलेजो की स्थापना हुई थी। वर्तमान सरकार द्वारा दो से तीन वर्षो में 13 और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना कर दी जायेगी। प्रदेश के 05 जिलों बस्ती, बहराइंच, फैजाबाद आदि में 06 माह के अंदर ही नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण हो जायेगा।

आशुतोष टण्डन ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में फायर फाईटिंग की व्यवस्था के लिए महानिदेशक अग्नि शमन एवं महानिदेशक विद्युत द्वारा 200 करोड़ का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है जिसमें से सरकार द्वारा 50 करोड़ का प्रबंध किया जा चुका है बाकी धनरशि का भी प्रबंध जल्द से जल्द सरकार द्वारा किया जायेगा। कुलपति प्रो. मदनलाल ब्रह्म भट्ट ने कहा कि मंत्री आशुतोष टंडन के नेतृत्व में चिकित्सा विश्वविद्यालय में विकास की प्रक्रिया काफी तीव्र गति से चल रही है। जिसमें बर्न यूनिट, आर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट का निर्माण तथा इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल एवं वेक्टर जनित रोगो उपचार के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विश्वविद्यालय में भारत सरकार द्वारा संचालित एनएचएम के कार्यों में भी तेजी आई है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए एकल कक्ष आवास का भी निर्माण कार्य चल रहा है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा विश्वविद्यालय देश का सबसे बडा़ चिकित्सा संस्थान है। यहां पर 4500 से ज्यादा बिस्तरों पर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता हैं। 700 से ज्यादा इमरजेंसी एवं ट्रॉमा के बिस्तर है, 450 के करीब संकाय सदस्य एवं करीब 5500 विद्यार्थी एवं इतने ही कर्मचारी है। मानव संसाधन विभाग, भारत सरकार द्वारा इस वर्ष चिकित्सा विश्वविद्यालय को ओवर ऑल श्रेणी में तीसरा स्थान प्रदान किया गया है। यह सब कार्य आप लोगों के अनवरत सहयोग से ही सम्भव है।

विश्वविद्यालय के नियमावली में इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एवं नर्सिंग का प्रबंध नहीं जिसकी वजह से इनके लिए अलग भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है। चिकित्सा विश्वविद्यालय के विस्तार एवं विकास के लिए स्थान की बहुत कमी है इसलिए चिकित्सा विश्वविद्यालय को द्वितीय कैम्पस की अत्यंत अवश्यकता है। कार्यक्रम में धन्यवाद प्रस्ताव प्रो. विनीता दास, अधिष्ठाता चिकित्सा संकाय, केजीएमयू एवं मंच का संचालन प्रो. संदीप तिवारी, विभागाध्यक्ष, ट्रॉमा सर्जरी विभाग द्वारा किया गया।

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