केन्द्र की मोदी सरकार ने अल्पसंख्यको के साथ विकास के मसौदे काम किया है: रिजवी

लखनऊ ब्यूरो। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सै.गयरुल हसन रिजवी ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार के साढ़े चार साल में पिछड़े क्षेत्रों में १६ डिग्री कालेज, १ हजार ९९२ स्कूल भवन, ३७ हजार १२३ अतिरिक्त क्लास रूम, १ हजार १४७ छात्रावास, १७३ आईटीआई, ४८ पालीटेक्निक, ३८ हजार ७५३ आंगनवाड़ी केन्द्र, ३ लाख ४८ हजार ६२४ आईएवाई घर, ७३ आवासीय विद्यालय, ४९४ बाजार शेड और १७ हजार ३९७ पेयजल सुविधाओं आदि निर्माण किया गया है, जिससे कमजोर, पिछड़े, अल्पसंख्यक वर्गों विशेषकर महिलाओं के जीवन स्तर में व्यपाक सुधार लाने में मदद मिली है।

रिजवी सोमवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ के भागीदारी भवन में केन्द्र और राज्य अल्पसंख्यक वर्ग योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक करने के उपरान्त वीवीआईपी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बात रहे थे। रिजवी ने कहा कि बैठक में ४४ जिलों के जिलाधिकारी एवं अल्पसंख्यक अधिकारी मौजूद थे। बैठक में १० जिलों के जिलाधिकारियों को फटकार लगायी गयी है। १० जिलाधिकारियों को १ माह का समय दिया गया है कि वह अल्पसंख्यक से जुड़े प्रस्तावों को केन्द्रीय अल्पसंख्यक आयोग को जल्द भेजे।

रिजवी ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों के कामों के आंकड़े का नतीजा रहा कि मुस्लिम लड़कियों का स्कूल डॅ्राप आउट रेट जो पहले ७० से ७२ फीसदी था, जो वह अब घटकर लगभग ३५ से ४० प्रतिशत रह गया है। हम इसे जल्द जीरो प्रतिशत करेंगे। इस बार १.७५ लाख हाजी हज पर गये। जो कई वर्षों से अधिक है, महिलाओं की संख्या भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है। यही हाल केन्द्र की एक दर्जन से अधिक स्कीमों का आंकड़ा देखा जाए, तो पिछले २००४ से २०१४ और २०१४ से अब तक के अनुपात में १५० प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।
इस दौरान राज्य अल्पसंख्यक बोर्ड के सदस्य सरदार परविन्दर सिंह, रूमान सिदीदीकी समेत समही सदस्य मौजूद थे।

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