केरल में निपाह ने मचाई तबाही, देश के कई राज्यों में तेजी से बढ़ रहा वायरल फीवर

नई दिल्ली: देशभर में कोरोना संक्रमण के मामलों में फिलहाल गिरावट दर्ज हो रही है और मरने वालों की संख्या भी कम हो रही है. लेकिन, केरल में कोरोना संक्रमण के आंकड़ें बेहद डरावने हैं. साथ ही राज्य में निपाह ने वायरस ने तबाही मचाई है. इन सबके बीच, देशभर के तमाम राज्यों में वायरल फीवर ने तेजी से पैर पसार लिए हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश के बाद अब दिल्ली में भी इस वायरस (Viral Fever) के तेजी से फैलने की खबर सामने आ रही है.

इधर, केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज की मानें तो निपाह वायरस (Nipah Virus) के संक्रमण से 5 सितंबर के दिन दम तोड़ने वाले बच्चे के संपर्क में आए 17 और लोगों के सैंपल निगेटिव आए हैं. इनमें से 5 व्यक्तियों का परीक्षण एनआईवी, पुणे में किया गया. जबकि, बाकी अन्य का कोझीकोड मेडिकल कॉलेज में विशेष रूप से स्थापित प्रयोगशाला में परीक्षण किया गया.

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने उक्त जानकारी देने के साथ ही बताया कि अब तक कुल 140 लोगों के सैंपल निगेटिव पाए गए हैं. गौरतलब है कि पांच सितंबर को जिस 12 वर्षीय लड़के की मौत हुई थी, उसके घर से तीन किलोमीटर के दायरे में घर-घर जाकर बुखार निगरानी के तहत सर्वेक्षण कराया गया है. वहीं, केरल में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 15,058 नए मामले सामने आए है. जबकि, 28,439 रिकवरी हुईं और 99 लोगों की कोरोना से मौत हुई. इस अवधि में 91,885 सैंपल टेस्ट किए गए. राज्य में पॉजिटिविटी रेट 16.39 फीसदी है.

इन सबके बीच, देश के तमाम राज्य इस वक्त वायरल फीवर से जूझ रहे हैं. चिंता की बात यह है कि इसमें सबसे ज्यादा बच्चे पीड़ित हो रहे हैं. यूपी, बिहार समेत तमाम राज्यों में अस्पतालों में जगह नहीं बच रही है. मध्य प्रदेश के ग्वालियर से भी कुछ ऐसी ही खबर सामने आ रही है. लोगों के चिंता इस बात को लेकर भी है कि कहीं ये कोरोना की तीसरी लहर का कहर तो नहीं है.

बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर अभी पूरी तरह से शांत भी नहीं थी हुई कि वायरल फीवर ने देश के तमाम राज्यों में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में भी वायरल फीवर बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है. ये वायरस ज्यादातर बच्चों को ही अपनी गिरफ्त में ले रहा है. वायरल फीवर 104 डिग्री तक बुखार कर रहा है. साथ ही कम से कम तीन दिन से पांच दिनों तक ये बुखार अपनी गिरफ्त में लेता है. इसके कारण बच्चों के शरीर में कमजोरी की शिकायत भी आ रही है. वायरल फीवर से बच्चे ही नहीं जवान और बुजुर्ग हर कोई पीड़ित हो रहा है, मगर बच्चों की तादाद सबसे ज्यादा है.

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