केरल: सोना तस्करी के साथ अवैध तरीके से लाए जा रहे थे कुरान? घिरे शिक्षा मंत्री, जानिए क्या है नया विवाद

कोच्चि: केरल में सनसनीखेज सोना तस्करी के मामले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसियां अब अपनी जांच को राज्य में राजनयिक रास्ते से बिना उचित दस्तावेज पवित्र किताबों के आयात पर केंद्रित किया है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। उच्च पद पर मौजूद सूत्र ने बताया कि एजेंसियां इस बात की जांच कर रही है कि क्या यूएई से बिना उचित दस्तावेज के पवित्र कुरान या अन्य तस्करी के सामान लाए गए। मामले की जांच कर रहे शीर्ष अधिकारी ने बताया, ”लगता है कि यह बहुत बड़ा मामला है।

अधिकारी ने बताया कि केरल के उच्च शिक्षा मंत्री के. टी. जलील केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि रमजान के महीने में तिरुवंतपुरम माल लाया गया था जिसमें उनके निर्वाचन क्षेत्र में बांटने के लिए पवित्र कुरान की प्रति थी।” इससे पहले सोशल मीडिया पर जलील ने स्वीकार किया कि तिरुवनंतपुरम स्थित संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के वाणिज्य दूतावास से उन्हें पवित्र कुरान की प्रतियां मिली हैं। गौरतलब है कि सोने की तस्करी मामले में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश के फोन में भी जलील का नाम दर्ज है। जलील ने कहा कि उन्होंने पूरी तरह से पेशवर की तरह फोन पर संपर्क किया था।

एजेंसियों का कहना है कि यहां तक जहां से सामान भेजा गया वहां भी इसका डॉक्युमेंटेशन नहीं किया और अब इस बात की जांच की जा रही है कि कैसे विमान के जरिए यह सामान लाया गया। एजेंसियों को आंशका है कि इस सामान के साथ तस्करी के अन्य सामान भी मौजूद थे और यह सिक्यॉरिटी सर्विस की मिलीभगत से हुआ होगा। अधिकारियों ने बताया कि चूंकि इतने बड़े पैमाने पर सामान भेजने के स्थान पर डॉक्युमेंटेशन नहीं किया गया, यह विदेशी सेवा के सुरक्षा सेवा द्वारा अवैध तरीके से किया गया होगा। इस मामले में सामान लाने वाली विमानन कंपनी से पूछताछ की जा रही है। सीमा शुल्क विभाग, राष्ट्रीय जांच एजेंसी और प्रवर्तन निदेशालय जलील के मंत्रालय के जरिए राज्य सरकार के संस्थान द्वारा सामान के परिवहन की जांच कर रही हैं। जब सीमा शुल्क अधिकारी से पूछा गया कि क्या मंत्री को पूछताछ के लिए समन भेजा जाएगा क्योंकि उन्होंने कुरान मंगाने की बात स्वीकार की है।

इस पर अधिकारी ने कहा, ”प्रथमदृष्ट्या यह विदेशी मुद्रा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन है।” इस बीच, जलील ने कहा कि वह किसी भी तरह की जांच का सामना करने को तैयार हैं। माना जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसियों ने केरल सरकार के मंत्री द्वारा कथित रूप से एफसीआरए का उल्लंघन करने की जानकारी गृह मंत्रालय को दी है। गौरतलब है कि इस मामले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी, सीमा शुल्क विभाग और प्रवर्तन निदेशालय सहित कई एजेंसियां जांच कर रही हैं और मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश, संदीप नायर और सरिथ पीएस सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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