कैबिनेट की दिल्ली के विधायकों की वेतन वृद्धि पर मुहर, अब 30 हजार रुपये महीने होगी सैलरी

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की कैबिनेट ने मंगलवार को केंद्र के प्रस्ताव के अनुसार दिल्ली के विधायकों के वेतन वृद्धि को मंजूरी दी। अब दिल्ली के विधायकों को 30,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, जिसमें दिल्ली के विधायकों का वेतन बढ़ाकर अन्य राज्यों के विधायकों के बराबर करने की बात कही गई थी।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के विधायकों को अब वेतन और भत्ते के रूप में 90,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे क्योंकि अरविंद केजरीवाल सरकार ने मंगलवार को केंद्र द्वारा अनुशंसित बढ़ोतरी की सीमा को मंजूरी दे दी है। सरकार ने एक बयान में कहा कि इससे पहले, प्रत्येक विधायक को 53,000 रुपये मिलते थे, जिसमें वेतन के रूप में 12,000 रुपये और भत्ते के रूप में शेष राशि शामिल थी। इस वृद्धि के साथ, अब प्रत्येक विधायक को 30,000 रुपये वेतन और भत्ते के रूप में कुल 60,000 रुपये मिलेंगे।

बयान में दावा किया गया है कि इस बढ़ोतरी के बावजूद दिल्ली के विधायक देश में सबसे कम वेतन पाने वाले विधायकों में बने रहेंगे। बयान में कहा गया है कि दिल्ली के विधायकों का वेतन 10 वर्षों में नहीं बढ़ा है और केजरीवाल सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) से अनुरोध किया था कि उनका वेतन और भत्ते अन्य राज्यों के विधायकों के बराबर किए जाएं। केजरीवाल सरकार ने दिसंबर 2015 में दिल्ली विधानसभा में एक बिल पास कराया था, जिसमें विधायकों का वेतन बढ़ाकर 2.10 लाख रुपये प्रति माह करने का प्रावधान था।

सूत्रों ने बताया था कि इसे विधानसभा में पेश करने से पहले संबंधित अधिकारियों की अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए बिल निरस्त हो गया। अभी दिल्ली के एक विधायक को 53,000 रुपये महीने मिलते हैं। इसमें वेतन के रूप में 12,000 रुपये शामिल हैं, और बाकी भत्ते हैं। इसके अलावा, उन्हें दो स्टाफ सदस्यों को भुगतान करने के लिए 30,000 रुपये प्रति माह मिलते हैं, जिन्हें वे काम पर रख सकते हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper