कोरोना के बढ़ते केस के चलते इन राज्यों में फिर से कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी, खत्म होगी छूट

नई दिल्ली: देशभर में कोरोना के मरीजों की संख्या में हर रोज रिकॉर्ड इज़ाफा हो रहा है। आज ही के दिन देश में 10 हजार से ज्यादा नए केस सामने आए। ऐसे में अब भारत में संक्रमितों की संख्या 3 लाख के पार पहुंच गई है। मरीजों की संख्या में ये बड़ी बढ़त अनलॉक-1 के बाद से देखी जा रही है। ऐसे में 3 राज्यों ने एक बार फिर से कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। जबकि कुछ राज्य सरकारें एक बार फिर से सारी छूट खत्म करने पर विचार कर रही है।

तमिलनाडु में भी कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में मद्रास हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्यों न सिर्फ चेन्नई को लॉकडाउन कर दिया जाए। जस्टिस विनीत कोठारी और जस्टिस आर सुरेश कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के लिए तमिलनाडु सरकार के उठाए कदमों के बावजूद खासकर महानगर और उसके बाहरी इलाकों में संक्रमण के मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं और हालात चिंताजनक हो गए हैं। सरकार को आज जवाब देना है। तमिलनाडु में 25 हजार से ज्यादा केस हैं जिसमे से 70 फीसदी मरीज चेन्नई में ही हैं।

केरल सरकार ने इस महीने भगवान अयप्पा मंदिर यानी सबरीमाला को खोलने का फैसला टाल दिया है। देश में कोरोना का पहला मामला केरल से ही आया था। पिछले महीने यहां संक्रमण की रफ्तार थम गई थी, लेकिन बाद में प्रवासियों के लौटने के बाद केरल में एक बार फिर से नए मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। अब तक राज्य में कोरोना के कुल 1238 मामले सामने आए हैं। जबकि राज्य में इस खतरनाक वायरस से 18 लोगों की मौत हुई है। ऐसे में राज्य सरकार फिर से लॉकडाउन को दोबारा सख्ती से लागू करने और बॉर्डर बंद करने पर विचार कर रही है।

शिबू सोरेन सरकार ने एक बार फिर से राज्य में लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। झारखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 48 नए मामले सामने आने से संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1599 हो गयी है। अब तक राज्य में 1599 संक्रमितों में से 1311 प्रवासी मजदूर हैं जो देश के विभिन्न भागों से वापस लौटे हैं।

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