कोरोना वायरस के खौफ से फिर हजारों कैदी जेल से बाहर आना चाहते हैं

भोपाल: कोरोना वायरस के खौफ से प्रदेश की सेंट्रल और जिला जेलों में बंद हजारों कैदी जेल से बाहर आना चाहते हैं। जेलों में पैरोल के आवेदनों का ढेर लग गया है। गौरतलब है कि अभी पिछले दिनों प्रदेश की जेलों से 8,000 कैदी 60 दिन की पैरोल पर छोड़े गए हैं।

कोरोना वायरस का संक्रमण जेल में सजा काट रहे कैदियों तक न फैले, इसको लेकर जेल प्रशासन ने जहां विशेष सावधानी बरती, वहीं पहली बार जेल के इतिहास में कैदियों के पैरोल नियमों में संशोधन करते हुए आपातकालीन पैरोल के तहत दंडित कैदियों को 60 दिनों के पैरोल पर जेल से छोड़ा गया। वह कैदी, जिनके कोर्ट में प्रकरण विचाराधीन हैं और उन्हें उनके द्वारा किए गए अपराध के मामले में 5 साल तक की सजा हो सकती है, ऐसे प्रकरण वाले कैदियों को भी कोर्ट के विशेष आदेश पर 45 दिनों की अंतरिम जमानत पर कोर्ट से छोड़ा गया।

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पहले चरण में प्रदेशभर की जेलों से 8 हजार के करीब कैदियों को बाहर किया गया है। अब दूसरे चरण के तहत एक बार फिर जेल प्रशासन ने वह कैदी, जो पैरोल के पात्र हैं, उनके आवेदन लेना शुरू कर दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि इंदौर की दोनों जेलो में कोरोना वायरस के संक्रमण के खौफ से बड़ी संख्या में कैदी जेल से बाहर निकलकर अपने घरों में सुरक्षित रहना चाहते हैं। इसी के चलते कैदियों ने पैरोल के आवेदन लगाए हैं। हजारों कैदियों के पैरोल आवेदन जेल प्रशासन को प्राप्त हुए हैं। इसकी पुष्टि जेल के अधिकारियों ने की है। हालांकि पैरोल के आवेदनों को मंजूरी जेल मुख्यालय द्वारा दी जाएगी, उसके बाद ही कैदियों को जेल से छोड़ा जाएगा।

इंदौर और सतना सेंट्रल जेल में कैदी में कोरोना वायरस का संक्रमण पॉजिटिव आने के बाद यहां के अधिकारियों, जवानों और कैदियों में भी दहशत बनी हुई है। सुरक्षा के लिए इंदौर सेंट्रल जेल में 52 लोगों का टेस्ट लिया गया है। इधर कैदी में कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए जाने के बाद जेल के अधिकारियों ने कैदियों से दूरी बना ली है। रिपोर्ट आने के बाद ही जेल में नए सिरे से फिर व्यवस्थाओं का संचालन होने की बात अधिकारियों ने कही है।

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