कोरोना वैक्सीन से मरे बुजुर्ग के परिजन को नौकरी , परिजन व ग्रामीणों ने पंचायत कर शव लेने से किया था इनकार

हिसार। जिले के नारनौंद क्षेत्र के गांव बडाला में कोरोना वैक्सीन के प्रभाव से मरे 60 वर्षीय बुजुर्ग के एक परिजन को डीसी रेट पर सरकारी नौकरी व मुआवजा दिया जाएगा। नारनौंद के एसडीएम विकास यादव ने गांव में हुई पंचायत में परिजन व ग्रामीणों को यह आश्वासन दिया है।

इसके पहले मंगलवार को गांव की चौपाल में देर सायं तक ग्रामीणों की पंचायत हुई थी। पंचायत में बुजुर्ग रामफल शर्मा की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य सरकार को जिम्मेवार ठहराया गया। ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के बाद रामफल का शव लेने व उसका अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया। ग्रामीणों को एकत्रित होते देखकर प्रशासन सतर्क हुआ। गांव की बड़ी चौपाल में अमी सिंह नंबरदार की अध्यक्षता में हुई पंचायत में ग्रामीणों ने मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता की मांग की।

ग्रामीणों की पंचायत व मांग की सूचना मिलने पर नारनौंद के एसडीएम विकास यादव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी बात सुनी। बाद में एसडीएम ने डीसी डॉ. प्रियंका सोनी से बात की। इसके बाद एसडीएम ने पंचायत में कहा कि मृतक के बेटे को डीसी रेट पर सरकारी नौकरी व पांच से 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रशासन की तरफ से दी जा सकती है।

ज्ञात रहे कि बडाला गांव निवासी 60 वर्षीय रामफल ने कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। वैक्सीन लगवाकर जब वह घर जा रहा था तो रास्ते में ही गली में उसकी मौत हो गई थी। इसके लिए परिजन ने स्वास्थ्य विभाग व सरकार को जिम्मेवार ठहराया था।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper