कोरोना संक्रमित महिला नवजात को स्तनपान करा सकती हैं कि नहीं ?

लखनऊ। कोविड-19 को लेकर समुदाय के हर वर्ग के लोगों के मन में तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं । ऐसे में अपने साथ गर्भ में पल रही एक और जिन्दगी को लेकर गर्भवती के मन में भी तरह-तरह के सवालों का उठना लाजिमी है । वह उन सवालों के जवाब घर-परिवार के बड़े-बुजुर्गों के साथ क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता और एएनएम से भी जानने की कोशिश कर रहीं हैं । स्वास्थ्य विभाग भी ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी), हर महीने की नौ तारीख को स्वास्थ्य इकाइयों पर आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के साथ ही पोस्टर व पम्पलेट के जरिये उनके सवालों के जवाब देने में जुट गया है ।

​समुदाय में हर गर्भवती का पहला सवाल यही होता है कि –“वह गर्भवती हैं तो क्या उनको संक्रमण का ज्यादा खतरा है।” इस पर महिला एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एस. पी. जैसवार का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर और प्रतिरक्षा प्रणाली में परिवर्तन के कारण वह श्वसन संक्रमणों से प्रभावित हो सकती हैं । इसलिए जरूरी है कि वह विशेष सावधानी बरतें ताकि सुरक्षित रह सकें । इसके बाद भी तेज बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत महसूस होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें । कोविड के संक्रमण से बचने के लिए गर्भवती को साबुन-पानी या सेनेटाइजर से हाथों को बार-बार साफ़ करते रहना चाहिए । एक दूसरे से दो गज की दूरी बनाकर रखें और भीडभाड वाले स्थानों पर जाने से बचें, नाक-मुंह और आँख को छूने से बचें । खांसी या छींक आने पर मुड़ी हुई कोहनी से अपने मुंह और नाक को ढकें । इस्तेमाल किये गए टिशु पेपर को तुरंत ढक्कन वाले कूड़ेदान में डालें । घर से बाहर तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो, इस दौरान मास्क से मुंह व नाक को अच्छी तरह से ढककर रखें ।

​कुछ महिलाओं का सवाल होता है कि –“संक्रमित होने की स्थिति में क्या वह नवजात को छू सकती हैं ।” इस पर डॉ. जैसवार का कहना है कि हाँ, वह बिल्कुल छू सकती हैं लेकिन छूने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ़ कर लें और मास्क लगा लें । बच्चे को जन्म के पहले घंटे के अन्दर सुरक्षित रूप से स्तनपान कराना जरूरी है क्योंकि पहला पीला गाढ़ा दूध बच्चे को कई बीमारियों से बचाता है । इसके लिए जरूरी है कि बच्चे को छूने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ़ कर लें और मास्क लगाकर ही स्तनपान कराएं । जिस स्थान पर स्तनपान कराएं वहां की सतह को भी साफ़ रखना बहुत जरूरी है । यदि माँ की स्थिति अत्यधिक गंभीर है तो वह रिपोर्ट निगेटिव आने तक बच्चे को अपने से अलग रखे ।

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