कोरोना से बचाव के लिए रेलवे ने एसी कोचों से कंबल हटाए, धुलाई के बाद सैनिटाइज की जा रही हर बोगी

लखनऊ: कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों के एसी कोच से कंबल हटाने का निर्देश दिया है। हर ट्रेन को वॉश करने के बाद उसकी हर बोगी को सैनिटाइज किया जा रहा है। लखनऊ चारबाग के वाशिंग यार्ड में खड़ी ट्रेनों को पूरी तरह धुलने के बाद उसकी हर बोगी में सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। इसके साथ ही लिक्विड ब्लीच के जरिए सभी सीटों को बेहतर तरीके से साफ किया जा रहा है।

सिर्फ सीट ही नहीं ट्रेन के भीतर लगे हैंडल या दरवाजों के हैंडल या फिर उठने बैठने के लिए बने हैंडल पर भी साफ-सफाई खासतौर से की जा रही है। उत्तर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर डीके मिश्रा ने बताया कि रेलवे की तरफ से साफ दिशा निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की चूक न होने पाए।

इसके लिए हम लोगों को रेलवे की तरफ से कोरोना से निपटने के लिए जो दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं उनका हम पूरा पालन कर रहे हैं। उन दिशा निर्देशों को लिखकर भी लगाया गया है ताकि लोगों तक जागरुकता फैलाई जा सके। हम लोगों से भी हम अपील कर रहे हैं कि वह खासतौर से एहतियात बरतें। सैनिटाइजर नहीं होने की स्थिति में प्रचुर मात्रा में लिक्विड सोप रखवाया गया है। जिससे लोग जब चाहे तब अपने हाथ धुल सकते हैं। एसी कोचों में फौरी तौर पर मिलने वाले कंबल और पर्दों को हटा दिया गया है।

डीके मिश्रा ने बताया कोरोना के चलते सभी पर्दों और कंबलों को हटाने के निर्देश दिए गए थे। जिसे तत्काल हटवा दिया गया है। अब कंबल लोगों को 15-20 दिनों के बाद ही उपलब्ध हो पाएंगे। फिर भी अगर किसी यात्री को एसी कोच में कंबल की जरूरत पड़ती है तो उसे डबल चादर मुहैया कराई जाएगी। एसी कोचे में टैंपरेचर को मैनेज करके लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। अब एसी कोच में 25 डिग्री सेल्सियस ही तापमान रखा जा रहा है। जिससे लोगों को कंबल की जरूरत नहीं पड़ेगी।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper