क्या आप जानते हैं कुछ दवाओं बीच में लाइन क्यों होती है ?

नई दिल्ली: आज के समय में अनियमित खानापान, अनियमित सोने के कारण हमें कई बीमारियों से हो कर गुजरना पड़ता है। जिसके कारण हर किसी को कभी न कभी दवाओं की जरुरत पड़ती हैं, और हमें दवाओं और डॉक्टर का सहारा लेना ही पड़ता है। वैसे तो प्रत्येक दवाइयां अलग अलग होती हैं अलग रंग, आकार और प्रत्येक दवाई का अपना असर होता है लेकिन आपने देखा होगा कि दवाईयों की कुछ टेबलेट्स पर बीच में एक सीधी लाइन बनी होती है जबकि कुछ टेबलेट्स पर वो लाइन नहीं होती।

आपने कभी यह सोचा है कि आखिर दवाईयों पर ये सीधी लाइन क्यों बनी होती है? इसका कारण है। अगर नहीं, तो आज हम आपको इस पोस्ट में बताने जा रहे हैं कि आखिर दवा की कुछ टेबलेट पर सीधी लाइन क्यों होती है? दरअसल, कुछ दवाओं पर दी हुई इस सीधी लाइन को Debossed Line कहा जाता है। जो लाइन आमतौर पर हाई पॉवर की दवाओं पर देखने को मिलती है, ताकि इसे बीच में से तोड़ कर पूरी टेबलेट की आधी खुराक ली जा सके।

उदाहरण के लिए ,अगर आपके पास 500mg की एक गोली है और डॉक्टर के अनुसार आपको खुराक में 250mg दवा लेनी है, तो आप उस टेबलेट को बीच से तोड़ कर आधा ले सकते हैं। एक खास बात यह भी है कि सभी दवाइयाँ ऐसे बीच में से तोड़ कर हाफ डोज़ में नहीं ले सकते। केवल वही दवाइयाँ बीच में तोड़ कर ले सकते हैं जिन पर Debossed Line हो और जिन दवाओं पर ये लाइन ना हो उन्हें आधा तोड़ कर नहीं खाना चाहिए।

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