क्या उत्तर प्रदेश में फिर लगेगा लॉकडाउन?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद लोगों को लॉकडाउन की चिंता एक बार फिर सताने लगी है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री के बीच हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना के हालात के संबंध में जानकारी दी। वहीं यूपी मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कोरोना के संबंध में प्रदेश के जिलाधिकारी, मंडलायुक्त को दिशानिर्देश भी जारी किया है।

लॉकडाउन या नाइट कर्फ्यू पर विचार नहीं
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने साफ कर दिया है कि अभी उत्तर प्रदेश में सिर्फ कोरोना टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने पर फोकस है। होली पर बाहर से आने वालों की टेस्टिंग जरूर होगी। लॉकडाउन या नाइट कर्फ्यू पर विचार नहीं है। 16 दिनों में 2 हजार 61 संक्रमित केस बढ़े। एक मार्च को प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 6 लाख 3 हजार 608 थी जबकि 16 मार्च को यह संख्या बढ़कर 6 लाख 5 हजार 669 हो गई। इस तरह 16 दिनों में 2 हजार 61 संक्रमित केस बढ़े हैं। ऐक्टिव केस की संख्या में गिरावट आई है। एक मार्च को 2 हजार 78 ऐक्टिव केस थे, जबकि अब 1 हजार 912 संक्रमितों का इलाज चल रहा है।

राजधानी में बढ़ा कोरोना का ग्राफ
कोरोना के बढ़ते ग्राफ़ ने एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस महीने में अब तक के सर्वाधिक नए संक्रमितों की पुष्टि हुई है। राजधानी लखनऊ में 54 सहित प्रदेश में 261 नए मरीज सामने आए हैं। वहीं लखनऊ में 17 और यूपी में 157 संकम्रित ठीक हुए हैं। प्रदेश में अब तक 5 लाख 95 हजार 150 मरीज ठीक हो चुके हैं। 8751 की मौत हुई है। प्रदेश में कोविड रोग के नवीन केस की संख्या अत्यधिक कम थी, लेकिन पिछले हफ्ते से सक्रिय केस की संख्या में मामूली वृद्धि देखने को मिली है। ऐसी स्थिति में कोविड रोग के नए मामलों को रोकने के लिए अधिक संक्रमण वाले प्रदेशों से आने वाले यात्रियों की कोविड जांच करना बेहद जरूरी है। होली पर्व पर कोविड केस में वृद्धि होने की संभावना है।

ये जारी किए निर्देश
मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश आर के तिवारी ने कोरोना प्रभावित राज्यों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर ही एंटीजन जांच कराई जाए। समस्त रेलवे स्टेशन पर भी एंटीजन जांच की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे कोविड जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, आवश्यक संख्या में जांच दलों को स्टेशनों पर तैनात किया जाए। फ्रंट लाइन वर्कर से प्रतिदिन ऐसे क्षेत्रों के बारे में जानकारी प्राप्त की जाए जहां देश के अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में प्रदेश के प्रवासी नागरिक वापस आए हैं। सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और लाइन लिस्टिंग कार्य में मदद के लिए जनपद के पुलिस एवं राजस्व विभाग के कर्मियों की मदद ली जाए। समस्त जिलाधिकारी जनपद के मुख्यचिकित्साधिकारी के साथ कोविड संक्रमण की स्थिति, बचाव, रोकथाम, वैक्सीनेशन आदि के बारे में चर्चा करें।

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