क्या मोदी के खिलाफ बनारस से अखिलेश यादव लड़ेंगे चुनाव?

दिल्ली ब्यूरो: बीजेपी को घेरने के लिए सपा-बसपा अपनी रणनीति बना रही है। खबर मिल रही है कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बनारस से सपा अधयक्ष अखिलेश यादव को मैदान में उतारा जाय। सपा और बसपा नेताओं के बीच इस तरह की समझ बनती दिख रही है। हालांकि अखिलेश यादव ने इस पर अभी तक अपने स्टैंड का खुलासा नहीं किया है लेकिन सपा -बसपा के नेता मोदी के खिलाफ अखिलेश को मैदान में लाने को इच्छुक हैं। माना जा रहा है कि विपक्ष अपना साझा उम्मीदवार अखिलेश यादव को बनारस में उतरता है तो पीएम मोदी की परेशानी बढ़ सकती है। सपा -बसपा के लोग बड़े स्तर पर बनारस चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।

यूपी में विधान सभा चुनाव अभी चार साल दूर हैं इसलिए माना जा रहा है कि अखिलेश यादव इस बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। अब अखिलेश कहाँ से चुनावी मैदान में उतरें इस पर फैसला नहीं हो पा रहा है। अखिलेश के एक दोस्त जो अब समाजवादी पार्टी में नेता भी हैं ने कहा,”अखिलेश जी अगर कन्नौज या मैनपुरी से चुनाव लड़ते है और जीत जाते हैं तो ये कोई बड़ी बात नहीं होगी। लेकिन अगर वे मोदी को हरा देते हैं तो देश की राजनीति बदल जाएगी। ” समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं की राय है कि अखिलेश ऐसी जगह से चुनाव लड़ें, जिससे एक राजनैतिक मैसेज जाये। इसके लिए वाराणसी से कोई बेहतर जगह नहीं हो सकती है। वैसे अखिलेश यादव ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

बता दें कि मुलायम सिंह यादव इस बार आज़मगढ़ के बदले मैनपुरी से चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं। रामगोपाल यादव इस बार सँभल से लड़ना चाहते हैं। मैनपुरी के सांसद तेज़ प्रताप यादव फिर कहां जायेंगे? समाजवादी पार्टी के सूत्र की मानें तो कन्नौज से तेज़ को टिकट मिल सकता है। हो सकता है कि अखिलेश खुद वाराणसी या फिर किसी हाई प्रोफ़ाइल जगह से चुनाव लड़ें। बीएसपी के एक राज्य सभा सांसद ने कहा,”अगर अखिलेश जी बनारस से लड़ते हैं तो फिर हम मोदी जी को वहीं घेरने में कामयाब हो सकते हैं। भले ही अखिलेश जी चुनाव जीते या हारें। वैसे हम लोग बमरस को लेकर काफी गंभीर हैं और तैयारी भी कर रहे हैं। “

गौरतलब है कि पिछला लोकसभा चुनाव 2014 में हुआ था। तब बीजेपी के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी को 4 लाख 81 हज़ार वोट मिले थे। मोदी को 56.37 प्रतिशत वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल रहे। जिन्हें 2 लाख 9 हज़ार यानी 20.30 फ़ीसदी वोट मिले। कांग्रेस तीसरे, बीएसपी चौथे और समाजवादी पार्टी पाँचवें नंबर पर रही थी। ऐसे माना जा रहा है कि पूरा विपक्ष एक होकर बनारस के साझा उम्मीदवार खड़ा करेंगे।

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