क्या राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद प्रिंयका कांग्रेस में निभाएंगी बड़ी भूमिका?

नई दिल्ली: राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना लगभग तय है। इधर, उनकी बहन प्रियंका गांधी की पार्टी में संभावित बड़ी भूमिका को लेकर भी राजनीतिक क्षेत्रों में चर्चा जोरों पर है। उनके सक्रिय राजनीति में आने की बातें काफी समय से चल रही हैं। अपनी मां सोनिया गांधी और भाई राहुल के क्रमश: रायबरेली और अमेठी निर्वाचित क्षेत्रों में चुनाव अभियान का प्रियंका ने सफलतापूर्वक संचालन किया था, जिससे उनके सक्रिय राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई थीं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पूर्व कांग्रेस के भीतर यह अटकलें भी थीं कि प्रियंका पूर्ण सदस्य के रूप में कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं।

कुछ ने यह भी सुझाव दिया था कि वह पार्टी के मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार भी बन सकती हैं। वह उत्तर प्रदेश के लिए कांग्रेस की स्टार प्रचारकों की सूची में भी शामिल थीं, मगर उन्होंने केवल अमेठी और रायबरेली में ही प्रचार किया था। प्रियंका सक्रिय राजनीति में शामिल होने से संकोच करती आई हैं, मगर सोनिया गांधी द्वारा अब कांग्रेस में पिछली सीट पर जाने का फैसला करने के बाद प्रियंका कांग्रेस की बैठकों में प्रमुखता से भाग ले सकती हैं। चुनाव प्रचार के संचालन का अनुभव प्रियंका को कांग्रेस में अच्छी जगह दिला सकता है।

जानकारों को भरोसा है कि प्रियंका का पार्टी के संगठन में प्रवेश होगा। कुछ रिपोर्टों में सुझाव दिया गया है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में अगले वर्ष और 2019 में लोकसभा चुनावों से पूर्व प्रियंका को कांग्रेस का महासचिव बनाया जा सकता है। सीटों के बंटवारे को लेकर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन को टूटने से प्रियंका ने ही बचाया था। विश्वास किया जाता है कि प्रियंका ने डिंपल यादव को फोन कर सीटों के बंटवारे को लेकर गतिरोध खत्म करने और गठबंधन को बरकरार रखने के लिए राजी किया था। सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि राहुल गांधी कांग्रेस का चेहरा होंगे और उनकी बहन प्रियंका 2019 में भाजपा के साथ मुकाबला करने के लिए अन्य दलों से गठबंधन करने के काम की कमान संभालेंगी।

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