क्या है लंग कैंसर की तीसरी स्टेज, जानें कैसे बॉडी पर करता है कब्जा

कैंसर कई प्रकार का होता है और इन्हीं में से एक है लंग कैंसर। यानी फेफड़ों में होनेवाला कैंसर। कैंसर होने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं और इन्हीं कारणों पर यह बात निर्भर करती है कि यह कर्क रोग (Cancer) किसी व्यक्ति के शरीर के किस अंग में विकसित होगा। कई बार कैंसर के केस में अनुवांशिकता भी एक वजह होती है। अभी इस बात को पुख्ता तौर पर नहीं कह सकते कि संजय दत्त को लंग कैंसर होने की क्या वजह है, लेकिन आपको याद दिला दें कि उनकी मां नर्गिस दत्त की मृत्यु भी कैंसर के कारण ही हुई थी…

हमारे शरीर में लगातार कोशिकाओं का निर्माण होता रहता है। ये सेल्स पुरानी सेल्स को रिप्लेस करती रहती हैं। आपको बता दें कि हमारे शरीर में हर दिन करीब 40 हजार कोशिकाओं की मृत्यु हो जाती है। इसी अनुपात में इन सेल्स को रिप्लेस करने के लिए दूसरी सेल्स का निर्माण भी शरीर के अंदर होता रहता है।

-इसी प्रक्रिया के बीच कई अलग-अलग कारणों से कोई एक कोशिका लगातार बढ़ती चली जाती है। हमारे शरीर का मैकेनिज़म चाहकर उस कोशिका की वृद्धि को रोक नहीं पाता है। इस कारण यह कोशिका लगातार बढ़ते-बढ़ते कैंसर का रूप ले लेती है।

क्या होती है स्टेज थ्री?
-किसी भी कैंसर के लिए स्टेज-3 वह अवस्था होती है, जब कैंसर रोगी के शरीर में कई दूसरे अंगों को भी अपनी चपेट में लेने लगता है। कैंसर के अलग-अलग प्रकारों की बात करें तो स्टेज-3 से आशय यह है कि कैंसर उनके शरीर के किसी एक भाग में विकसित हुआ और अब वह उनके शरीर के दूसरे अंगों तक फैलने लगा है।

– लेकिन संजय दत्त के केस और लंग कैंसर के मामले में ऐसा नहीं है। लंग कैंसर की स्टेज-3 अन्य कैंसर की स्टेज-3 से मेडिकली अलग होती है। यही कारण है कि लंग कैंसर को स्थानीय रूप से उन्नत (stage 3 lung cancer is called locally advanced) या स्थानीय बीमारी (Locoregional Disease) भी कहा जाता है।

– यानी लंग कैंसर फेफड़ों में विकसित होता है और फेफड़ों में ही फैलता रहता है लेकिन अपनी घातकता के मामले में यह तीसरे स्तर पर पहुंच जाता है। लंग कैंसर में चौथी स्टेज सबसे अधिक खतरनाक और जानलेवा स्टेज मानी जाती है। जो लोग इस स्थिति में पहुंच जाते हैं, उनके जीवन पर मौत का खतरा मंडराने लगता है। लेकिन यदि इस स्थिति में पहुंचने से पहले ही लंग कैंसर को नियंत्रित कर लिया जाए तो इस रोग को हराने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।

अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, लगभग 80 से 85 प्रतिशत लंग कैंसर, नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर (एनएससीएलसी) होते हैं और लगभग 10 से 15 प्रतिशत स्मॉल सेल लंग कैंसर (एससीएलसी) के मामले होते हैं। इन दोनों प्रकार के लंग कैंसर का अलग-अलग तरीके से इलाज किया जाता है। हालांकि दोनों में बचने की दर अलग-अलग होती है। स्टेज 3 लंग कैंसर उपचार योग्य है लेकिन ये कई कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें कैंसर की स्टेज, उपचार योजना और व्यक्ति का समग्र स्वास्थ्य शामिल हैं। तो आइए जानते हैं स्टेज 3 लंग कैंसर के लक्षणों, उपचार और ऐसी कुछ जानकारियों के बारे में जो इस रोग को घातक बनाता है।

स्टेज 3 श्रेणियां (Stage 3 categories)
जब लंग कैंसर स्टेज 3 तक पहुंच जाता है, तो यह व्यक्ति के फेफड़ों के आस-पास मौजूद टिश्यू या लिम्फ नोड्स को अपनी चपेट में ले चुका होता है। स्टेज 3 लंग कैंसर की व्यापक श्रेणी को दो समूहों में बांटा गया है, स्टेज 3 ए और स्टेज 3 बी।

दोनों स्टेज 3 ए और स्टेज 3 बी ट्यूमर के आकार, स्थान और लिम्फ नोड इंवोलवमेंट के आधार पर विभाजित की जाती है।

स्टेज 3 ए लंग कैंसर: शरीर का एक तरफ का हिस्सा

स्टेज 3 ए लंग कैंसर को एडवांस रूप माना जाता है। इसका मतलब यह है कि ये कैंसर व्यक्ति की छाती के एक हिस्से में बने ट्यूमर के रूप में लिम्फ नोड्स में फैल चुका होता है। लेकिन ये शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैला है, जो खासकर दूर होते हैं।

ये कैंसर ज्यादातर हमारे मुख्य ब्रोन्कस, लंग लाइनिंग, चेस्ट वॉल, डायाफ्राम या हृदय के आसपास की झिल्ली को अपनी चपेट में ले सकता है। इसके अलावा इस स्टेज में आपकी हृदय रक्त वाहिकाएं, श्वासनली, अन्नप्रणाली, आपकी आवाज को नियंत्रित करने वाली तंत्रिका, छाती की हड्डी या रीढ़ या कैरिना (श्वासनली ब्रोन्ची में शामिल होती है) क्षेत्र को भी अपना शिकार बना सकता है।

स्टेज 3 बी लंग कैंसरः ट्यूमर का विपरीत दिशा में फैलना

स्टेज 3 बी लंग कैंसर ज्यादा एडवांस माना जाता है। इसमें ट्यूमर अपनी विपरित दिशा से लेकर कॉलरबोन के ऊपर लिम्फ नोड्स में फैल जाता है।

स्टेज 3 सी लंग कैंसर: पूरे सीने में ट्यूमर का फैल जाना

स्टेज 3 सी लंग कैंसर चेस्ट वॉल या उसके अंदरूनी हिस्से, फ्रेनिक नर्व (phrenic nerve), या मेंमबरेन के चारों ओर फैल जाता है और व्यक्ति के हृदय को घेर लेता है।

लंग कैंसर, स्टेज 3 सी में तक भी पहुंच जाता है, जब फेफड़े के एक ही हिस्से में दो या दो से अधिक अलग ट्यूमर नोड्यूल्स पास के लिम्फ नोड्स में फैल जाते हैं। स्टेज 3 सी में, फेफड़े का कैंसर शरीर के दूर के हिस्सों में नहीं फैलता है। स्टेज 3 ए की तरह, स्टेज 3 बी और 3 सी कैंसर छाती की अन्य संरचनाओं में फैल जाते हैं जिसके कारण इन भाग या फेफड़े के सभी भागों में सूजन हो सकती हैं।

स्टेज 3 लंग कैंसर के लक्षण (Stage 3 lung cancer symptoms)
लंग कैंसर के प्रारंभिक चरण में कोई दिखाई देने वाले लक्षण व्यक्ति को महसूस नहीं होते हैं। हालांकि ध्यान देने योग्य लक्षण हो सकते हैं, जैसे कि अचानक से हल्की खांसी या धूम्रपान करने के बाद होने वाली खांसी में बदलाव (अधिक बलगम या खून निकलना) । ये लक्षण संकेत दे सकते हैं कि कैंसर स्टेज 3 में पहुंच चुका है।

स्टेज 3 के अन्य लक्षणों में शामिल हैं:

सांस लेने में तकलीफ होना, सांस फूलना या सांस न आना।
छाती के हिस्से में दर्द।
सांस लेते समय घरघराहट की आवाज होना।
आवाज में बदलाव ।
बेवजह वजन में कमी आना।
हड्डी में दर्द (पीठ में हो सकता है और रात में और ज्यादा तेज दर्द)
सिरदर्द।
स्टेज 3 लंग कैंसर का इलाज (Stage 3 lung cancer treatment)
स्टेज 3 लंग कैंसर के उपचार में आमतौर पर कीमोथेरेपी और रेडियेशन के बाद ट्यूमर को जितना संभव हो सकता है उतना सर्जरी के माध्यम से निकाल लिया जाता है। स्टेज 3 बी के लिए आमतौर पर अकेले सर्जरी की सलाह नहीं दी जाती है। अगर आपके डॉक्टर को ट्यूमर को हटाने के लिए सर्जरी संभव नहीं दिखाई दे रही है तो वे उपचार के पहले कोर्स के रूप में रेडियेशन या कीमोथेरेपी की सलाह दे सकता है। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के अनुसार, रेडियेशन या कीमोथेरेपी के जरिए उपचार साथ-साथ या फिर अलग-अलग स्टेज 3 के सर्वेाइवल रेट से जुड़ा हुआ है क्योंकि सिर्फ रेडियेशन से उपचार में व्यक्ति के बचने की संभावना कम हो जाती है।

स्टेज 3 फेफड़े के कैंसर में बचने की दर (Stage 3 lung cancer life expectancy and survival rate)
लंग कैंसर का पता लगने के बाद जो लोग पांच साल तक जीवित रहते हैं उनका सर्वाइवल रेट काफी बेहतर होता है। लंग कैंसर में जीवित रहने की दर इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति में जब कैंसर का पता चला तो वह किस स्टेज में था। 1999 और 2010 के बीच फेफड़ों के कैंसर के निदान वाले लोगों के एक डेटाबेस से प्राप्त अमेरिकन कैंसर सोसायटी के आंकड़ों के अनुसार, स्टेज 3 ए (एनएससीएलसी) में पांच साल की जीवित रहने की दर लगभग 36 प्रतिशत थी। वहीं स्टेज 3 बी कैंसर में जीवित रहने की दर लगभग 26 प्रतिशत थी जबकि स्टेज 3 सी कैंसर में जीवित बचने वालों की दर लगभग 1 प्रतिशत थी। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लंग कैंसर का एडवांस रूप किसी भी व्यक्ति की जान ले सकता है। समय पर निदान ही लंग कैंसर से आपको बचा सकता है।

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