क्यों मनाया जाता है वैलेंटाइन डे जानिए इसके पीछे का इतिहास

नई दिल्ली: 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे ( Valentine’s Day ) मनाया जाता है, जिसे लोग प्यार का त्यौहार मानकर सेलिब्रेट करते हैं, दुनिया भर में कपल्स अपने पार्टनर को तोहफे में,गुलाब,टैडी और चॉकलेट जैसी चीज़े देकर प्यार का जश्न मनाते हैं। फरवरी को प्यार का महीना भी कहा जाता है।

दरअसल वैलेंटाइन-डे रोम के एक पादरी संत वैलेंटाइन ( Saint valentine ) के नाम पर मनाया जाता है। बताया जाता है कि संत वैलेंटाइन दुनिया में प्यार को बढ़ावा देने में यक़ीन रखते थे, लेकिन रोम में एक क्लाउडियस नाम का राजा था जिसे प्यार और शादी जैसी चीज़ो से सख्त नफरत थी और वह इनके खिलाफ था जिसकी वजह से वह संत वैलेंटाइन को पसंद नहीं करता था, राजा को लगता था कि रोम के लोग अपनी पत्नी और परिवारों के साथ मजबूत लगाव होने की वजह से सेना में भर्ती नहीं हो रहे हैं।

और फिर राजा क्लॉडियस ने एलान किया कि पारिवारिक आदमी के मुकाबले अकेला आदमी बेहतर सैनिक बनता है, जिसकी वजह से उसने युवा सैनिकों की शादी और सगाई पर पाबंदी लगा दी। पादरी वैलेंटाइन ने सम्राट के आदेश को लोगों के साथ नाइंसाफी के तौर पर महसूस किया और उन्होंने इसका विरोध करते हुए कई अधिकारियों और सैनिकों की शादियां भी कराई। यह देख कर नाराज़ सम्राट ने उन्हें 14 फरवरी को फांसी पर चढ़ा दिया।

उनकी मौत के बाद धीरे-धीरे संत वैलेंटाइन की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि दुनिया भर के जोड़ों ने वैलेंटाइन डे मनाना शुरू कर दिया। उस दिन से हर साल इस दिन को ‘प्यार के दिन’ के तौर पर मनाया जाता है। कई रिपोर्ट्स में सामने आता है कि संत वैलेंटाइन ने जेल में रहते हुए जेलर की बेटी को खत लिखा था, जिसके आखिरी में उन्होंने लिखा था “तुम्हारा वैलेंटाइन।

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