खुदाई करते मजदूर की कुदाल से खंडित हो गया शिवलिंग, फिर जो हुआ वो ‘चमत्कार’ से कम नहीं !

हमारा भारत देश आस्थाओं का देश है यहाँ पर अनेक देवी और देवताओ की पूजा की जाती है! हिन्दू रीति रिवाजो के अनुसार हर व्यक्ति के अलग देवी देवता होते है! जिनकी पूजा वह श्रद्धा पूर्वक करता है! और कहते है भारत में भगवान् अपने भक्तो पर हमेशा ही दया द्रष्टि बनाए रखता है! ईश्वर की महानता का एक उदाहराण आज हम आप सभी को बताने जा रहे है जिसके बारे में सुनकर आप हैरान हो जायेंगे! हमारे देश में हर व्यक्ति भगवान् की पूजा करता है!

हमारे भारत देश में हर भगवान् की पूजा होती है लेकिन हमारे देश में भगवान् भोलेनाथ को सबसे ज्यादा पूजा जाता है! हमारे देश में भगवान् शिव ही ऐसे एकलौते भगवान् है जिन्हें सबसे बड़ा माना जाता है! और भगवान् शिव को खुश करने के लिए लोग शिवलिंग की पूजा करते है ऐसी मान्यता है शिवलिंग में भगवान् शिव का ही वास होता है!

आज इस पोस्ट में एक ऐसा ही भगवान् शिव से जुड़े शिवलिग के बारे में ऐसा किस्सा बताने जा रहे है ,झारखण्ड की यह घटना जो करीब 150 साल पहले घटित हुई थी!और उस समय अंग्रेजो का भारत पर कब्ज़ा था, तब ब्रिटिश सरकार झारखण्ड में रेलवे लाइन बनवा रही थी! वहां उस समय खुदाई चल रही थी,कि तभी वहां पर एक शिवलिंग मिला शिवलिंग मिलते ही वहां खुदाई का काम रोक दिया गया!ब्रिटिश इन्जीनियर ने वहां पर फिर से खुदाई करने को कहा,और उन्होंने फावड़े से शिवलिंग को खंडित कर दिया!

उसके बाद ब्रिटिश इन्जीनियर को इसे खंडित करने की इतनी बड़ी सजा मिली कि उस सजा के बारे में वह कभी सोंच नहीं सकता था! अपने घर लौटते समय अचानक ही राबर्ट की मौत हो गई! उसके बाद ब्रिटिश कर्मचारियों ने उस रेलवे लाइन का रूट ही बदल दिया है! झारखण्ड में आज भी उस शिवलिंग की पूजा की जाती है! झारखण्ड में इसका एक बड़ा मंदिर भी है!

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