खुद को जिंदा साबित करने आए मुर्दे की माैत, सबके सामने बुजुर्ग ने तोड़ा दम

संत कबीर नगर: क्या एक इंसान की दो बार माैत हो सकती है अगर आपका जवाब ना है तो आप गलत हैं। दरअसल यहां एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग की 2 बार माैत हुई है। एक बार कागजाें में और दूसरी बार सचमुच में। खेलई नामक यह बुजुर्ग पिछले 6 साल से कागजों में दर्ज अपनी मौत के खिलाफ लड़ रहे रहे थे। इस लड़ाई के अंतिम चरण में उन्हें अफसरों के सामने पेश होकर खुद को जिंदा साबित करना था। इसी दाैरान कचहरी में खेलई की तबीयत बिगड़ गई और उनकी माैत हो गई।

दरअसल 2016 में उनके बड़े भाई फेरई की मौत हुई थी, लेकिन उनकी जगह कागजों में छोटे भाई खेलई को मरा हुआ दिखा दिया गया। इसके बाद सरकारी अफसरों का खेल यहीं नहीं रुका, एक फर्जी वसीयत के जरिए जिंदा खेलई की संपत्ति की वसीयत बड़े भाई फेरई की पत्नी सोमारी देवी, उनके बेटे छोटेलाल, चालूराम और हरकनाथ के नाम से कर दी गई। इसकी जानकारी जब खेलई को हुई तो वह परेशान हो गए। वे SDM, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के पास जिंदा होने का सबूत दे रहे थे। मगर कहीं सुनवाई नहीं हो रहीं थी। खेलई अपने बेटे हीरालाल के साथ बुधवार को तहसील पहुंचे। खेलई की अचानक तबीयत बिगड़ गई। करीब 11 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

खेलई के बेटे हीरालाल ने आंसू पोछते हुए बताया कि उनकी मां का निधन हो चुका है। उन्हें जीवन भर इस बात की दुख रहेगा कि उनके खुद के पिता को स्वंय को जिंदा साबित करने के लिए वर्षों लग गए और आखिरकर सच में उनका निधन हो गया।

खेलई की मौत के बाद तहसील परिसर में उनके परिवार के लोगों से बात करते तहसीलदार रत्नेश तिवारी।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- ----------------------------------------------------------------------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper