गन्ना भुगतान को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने सामने

लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश विधानसभा में तीखी नोकझोंक और विपक्ष के बहिर्गमन के बीच सरकार ने बुधवार को दावा किया कि 22 महीने में सरकार ने गन्ना किसानों को 52 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कराया।

कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू ,समाजवादी पार्टी के राकेश प्रताप सिंह और संजय गर्ग के सवाल का जवाब देते हुये गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने प्रश्नकाल के दौरान बताया कि तमाम कठिनाइयों के बावजूद सरकार ने मात्रा 22 महीने में किसानों को 52 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कराया।

उन्होंने सपा पर कटाक्ष किया कि किसानों की हितैषी बनने का दावा करने वाली पार्टी के पूरे पांच साल के कार्यकाल में मात्र 57752 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया था। गन्ना मंत्री ने कहा कि किसानों के नेता के रूप में पहचाने रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के क्षेत्र बागपत में रमाला चीनी मिल को 400 करोड़ रुपये की लागत से पुनरुद्धार कराया गया।

उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि सॉफ्ट लोन के रूप में दिये गये 4000 करोड़ रुपये किसानों को भुगतान करने के बजाय मिलों ने ब्याज चुकता करने में खर्च कर दिया। उन्होंने कहा कि साफ्ट लोन में 2600 करोड़ रुपये किसानों को भुगतान किया गया।

बसपा के लालजी वर्मा ने जानना चाहा कि 14 दिन में भुगतान नहीं होने पर क्या ब्याज सहित भुगतान कराया जायेगा। नेता विपक्ष राम गोविन्द चौधरी ने कहा कि सरकार सही जानकारी न​हीं दे रही है। मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्वकाल में 27 चीनी मिल स्थापित हुई थीं, जबकि अखिलेश यादव ने अपने शासनकाल में आजमगढ़ में चीनी मिल स्थापित करायी थी।

कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सरकार ने माना है कि 6 हजार 54 करोड़ रुपये का भुगतान अभी बाकी है। गन्ने का समर्थन मूल्य अभी तक नहीं बढ़ाया गया है। सरकार बंद चीनी मिलों को चलाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। गन्ना मंत्री के क्षेत्र में ही किसानों का 100 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है।

सपा के संजय गर्ग ने कहा कि किसान फटेहाल है। 14 दिन में भुगतान महज जुमला था। सपा के ही राकेश सिंह का दावा था कि मात्र 48.3 प्रतिशत ही भुगतान हुआ है। 6054 करोड़ रुपये अभी भी बकाया है। बकाये रुपये का मय ब्याज कब तक भुगतान हो जायेगा।

बहस में हस्तक्षेप करते हुये संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों के सच्चे हितैषी है। उन्होंने स्वायल टेस्टिंग कार्ड और फसल बीमा समेत कई योजनायें चलाकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा और बसपा ने सदन का बहिर्गमन किया,बाद में कांग्रेस सदस्य भी उठकर चले गये।

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