गाजीपुर बॉर्डर पर मिला विपक्षी पार्टियों का साथ, प्रियंका बोलीं-अन्नदाताओं को तोड़ने वाले देशद्रोही

नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को आरोप लगाया कि किसानों को धमकाया जा रहा है और जो लोग अन्नदाताओं को तोड़ना चाहते हैं वे देशद्रोही हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘कल आधी रात में लाठी से किसान आंदोलन को खत्म करने की कोशिश की गई। आज गाजीपुर, सिंघू बॉर्डर पर किसानों को धमकाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के हर नियम के विपरीत है।’ कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा, ‘कांग्रेस किसानों के साथ इस संघर्ष में खड़ी रहेगी। किसान देश का हित हैं। जो उन्हें तोड़ना चाहते हैं- वे देशद्रोही हैं।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘हिंसक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए लेकिन जो किसान शांति से महीनों से संघर्ष कर रहे हैं, उनके साथ देश की जनता की पूरी शक्ति खड़ी है।’

राहुल गांधी ने कहा-शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ हूं
गाजीपुर बॉर्डर पर जारी तनातनी के बीच राहुल गांधी ने कहा- मैं किसानों और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ हूं। उन्होंने ट्वीट किया ‘यह एक साइड चुनने का समय है। मेरा फ़ैसला साफ़ है। मैं लोकतंत्र के साथ हूं, मैं किसानों और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ हूं।’ वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा- ‘सरकार और किसानों की कई दौर की वार्ता चल रही है लेकिन नतीजा नहीं निकल रहा है। यह दर्शाता है कि सरकार किसानों पर अपनी बात थोपना चाहती है। किसान आंदोलन को पहले दिन से ही बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।’

‘चुनाव में सरकार को मिलेगा जवाब’
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- ‘आज जिस तरह छल-बल का प्रयोग कर भाजपा सरकार किसानों के आंदोलन को कुचल रही है, उससे किसानों के साथ-साथ हर सच्चे भारतीय की आत्मा रो रही है। किसान अगले चुनाव में सरकार की क्रूरता का जवाब वोट से देंगे। आज भाजपा जिन किसानों को सड़क से उठा रही है, वो कल भाजपा को ही सड़क पर ले आएंगे।’ आम आदमी पार्टी पूरी तरह किसानों के साथ हैं। कल संसद में आम आदमी पार्टी किसानों का मुद्दा उठाएगी। आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया-राकेश टिकैत से फोन पर बात हुई टिकैत बोले किसानों के साथ सरकार ने ग़द्दारी की है किसानों पर हमले की साज़िश है प्रशासन ने पानी बंद करा दिया शौचालय तक हटवा दिया।

दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर शहर में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में नामजद किसान नेताओं के विरुद्ध गुरुवार को ‘लुक आउट’ नोटिस जारी किया। इसके साथ ही अपनी जांच तेज करते हुए पुलिस ने लाल किले पर हुई हिंसा के संबंध में राजद्रोह का मामला भी दर्ज किया है। पुलिस ने किसान नेताओं को तीन दिनों का समय देते हुए यह बताने को कहा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए क्योंकि उन्होंने परेड के लिए तय शर्तों का पालन नहीं किया।

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