गुजरात की 20 नदियां प्रदूषित, साबरमती नदी सबसे अधिक

अहमदाबाद: केन्द्र सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात राज्य की 20 नदियों में प्रदूषण है। जिसमें अहमदाबाद की साबरमती नदी सबसे अधिक प्रदूषित है। 20 नदियों की सूची में नर्मदा और मही नदी भी शामिल है। हिंदुस्तान में नदी को माता माना जाता है और माता की तरह नदी की पूजा की जाता है। परंतु नदी को शृद्ध रखने के लिए हम कोई कदम नहीं उठाते। गुजरात को मोडल स्टेट और विकसित राज्य के तौर पर देश और दुनिया में प्रसारित किया जा रहा है परंतु चौंकानेवाली बाबत यह है कि राज्य में सिर्फ हवा ही नहीं अपितु जल प्रदूषण में भी राज्य की स्थिति बिगडती जा रही है।

केन्द्र सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात की 20 नदियों में प्रदूषण का प्रमाण अधिक है। इतना ही नहीं देश में सबसे अधिक प्रदूषित नदियों में राज्य चौथे स्थान पर है। गुजरात की 20 सबसे प्रदूषित नदी में साबरमती नदी अव्वल स्थान पर है। सबसे अधिक प्रदूषित नदी में नर्मदा और मही नदी भी शामिल है। चौंकानेवाली बात यह है कि साबरमती व मिंढोला नदी में प्रदूषित रोकने हेतु केन्द्र सरकार द्वारा पिछले वर्ष में 200 करोड रुपए आवंटित किए है। किसी भी नदी को शृद्ध करने के लिए सबसे अधिक फंड देने के मामले में साबरमती-मिंढोला चौथे स्थान पर है।

गंगा नदी के शृद्धिकरण हेतु उत्तरप्रदेश को 917.24 करोड़, पश्चिम बंगाल को 411.26 करोड़ और 411.26 करोड़ और बिहार को 216.46 करोड़ रुपए का फंड दिया गया है। विशेषज्ञो के मुताबिक गुजरात की नदियों में प्रदूषण बढने का कारण उद्योगों व फैक्ट्रियों से छोड़ा जा रहा केमिकलयुक्त पानी। फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी नदी में छोड़े जाने पर प्रदूषण बढना स्वाभाविक है। उद्योगों के खिलाफ प्रशासन अनदेखी कर रहा है। गुजरात की सबसे बड़ी नदियों पर डेम बनाए गए है। जिसके चलते नदी का पानी गहरे होते गए। गुजरात में प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो नदियों में प्रूदूषण की स्थिति अधिक बिगड़ सकती है।

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