गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर कोरोना के कारण गुरुद्वारों से भीड़ नदारद

श्रीनगर: सिखों के पांचवें गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर इस बार घाटी के गुरुद्वारों से वह भीड़ नदारद है जो आम तौर पर दिखाई देती है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण कश्मीर घाटी में भी मंगलवार को इस अवसर पर गुरुद्वारों में चहल-पहल नहीं देखी गई। सभी दलों सिख समन्वय समिति (एपीएससीसी) के अध्यक्ष जगमोहन सिंह ने यूनीवार्ता को बताया कि इस वर्ष कोविड-19 के कारण यह फैसला किया गया था कि गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।

घाटी में भी कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और अब तक 1668 मामले सामने आ चुके हैं और 23 लोगों की इस महामारी से मौत हो चुकी है। आम तौर पर प्रत्येक वर्ष शहीदी दिवस के अवसर पर श्रीनगर में भगत बरजुल्ला के शहीद बंगा में मनाया जाता है। इस वर्ष कोविड-19 महामारी के कारण गुरुद्वारा समिति की ओर से कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया।

सिखों के पांचवे गुरु के शहीदी दिवस के अवसर पर आम तौर पर लोगों से खचाखच भरे गुरुद्वारों में केवल एक-दो के समूह में ही लोग पहुंचे। श्रीनगर के एक निवासी रविंदर पाल सिंह ने यूनीवार्ता से कहा,“गुरु के शहीदी दिवस को मनाने के लिए प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग गुरुद्वारे में आते हैं। लेकिन इस वर्ष यहां कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है। हम उदास हैं, लेकिन कोविड-19 के मद्देनजर शारीरिक दूरी के नियम का पालन करना आवश्यक है।”

एपीएससीसी के अध्यक्ष ने सिख समुदाय के लोगों से कोविड-19 के मद्देनजर शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने तथा अन्य एहतियात बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा,“छोटे-छोटे समूहों में लोग गुरुद्वारे में आ रहे हैं लेकिन मैं उनसे शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने और नियमित तौर पर हाथों को धोने की अपील करता हूं।”

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