गोरखपुर के नए सांसद प्रवीण निषाद के दर्द भरे दास्तान

दिल्ली ब्यूरो: गोरखपुर के नए सांसद प्रवीण निषाद गमगीन हैं। चिंता में डूबे हैं और दर्द से भरे भी। गोरखपुर उपचुनाव में युवा निषाद ने कइयों को चुनौती दी थी। गोरक्षा पीठ को चुनौती दी तो योगी आदित्यनाथ को भी कहीं का नहीं छोड़ा। कहतें हैं कि सपा की झोली में इस सीट के जाते ही सीएम योगी टूट से गए थे। मन मलिन हो गया था। चाहने वाले ढाढ़स बढाए तब जाकर योगी जी शांत हुए थे। गोरखपुर से बीजेपी की हार कोई मामूली बात तो थी नहीं। देश भी चौंक गया था और भक्त जन भी। पार्टी मुखिया अमित शाह और पीएम मोदी को भी झटका लगा था।

उधर 28 साल के निषाद चुनाव जीतकर इतरा रहे थे और इधर यूपी की बीजेपी सरकार गोरखपुर में ही उन्हें लपेटने किरणनीति बना रहे थे। चुनाव के बाद जब कुछ शांत हो गया तो गोरखपुर की जनता सांसद निषाद के पास पहुँचने लगे। अपनी समस्यायों को लेकर। किसान की अपनी समस्या और आम जानो को अपनी बात। सबकी सुनकर काम हो जाएगा का आश्वासन जनता को देते गए निषाद। फिर जनता की समस्यायों को लेकर जिला अधिकारियों को फोन घुमाने लगे। लेकिन कहीं से कोई उत्तरा नहीं मिला। भारी निराश हो गए निषाद साहब। राजनीति से पाला पड़ गया उन्हें।

अब उन्होंने अपनी बात जनता के सामने रही है प्रेससवार्ता के जरिये। उनका कहना है कि सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर जिले से हैं। ऐसे में कोई भी अधिकारी उनकी सुन नहीं रहा है। कई बार वह अधिकारीयों को फोन करते हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होती है। जैसे जैसे पत्रकार सवाल पूछ रहे थे निषाद साहब का दुःख बाहर निकल रहा था। अधिकारीयों की बेरुखी से परेशान सपा सांसद प्रवीण निषाद ने कहा कि इस मुद्दे को मैं संसद में उठाऊंगा। उन्होंने कहा जनता के जो मुद्दे हैं उनको लेकर मैं डीएम से लेकर हर अधिकारी तक को लिख रहा हूँ लेकिन न ही कोई जवाब देता है न ही कोई मेरा फोन उठाता है।

उन्होंने कहा कि किसानो के खेतों में आग लग रही है। कई एकड़ फसल जल कर राख हो चुकी है। सभी ब्लॉक पर 2-2 गाड़ियाँ फायर ब्रिगेड की होनी चाहिए, का मैंने प्रशासन को लेटर भी लिखा। कल भी दो जगह आग लगी तो एसडीएम को फोन किया तो उनका फोन बंद था। संबंधित थाने पर फोन किया तो वह सीएम की ड्यूटी में लगे थे। जनता कहां शिकायत करे। उन्होंने कहा मैं जिला प्रशासन से ये पूछना चाहता हूं कि वो जनता की सेवा करने के लिए कुर्सी पर बैठे हुए है या बीजेपी की सेवा के लिए हैं।

अगर ऐसा ही रहा तो जनता 2019 के चुनाव में इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर का जिला प्रशासन पूरी तरह से मनबढ़ई का काम कर रहा है। क्योंकि जिले से सीएम है। इसलिए उनके दबाव के प्रशासन कार्य कर रहा है और मै इस मुद्दे को सदन में उठाऊंगा। अब निषाद साहब को संसद से आशा बंधी है। अपनी बात वहीँ रखेंगे। लेकिन राजनीति को देखते हुए कहा जा सकता है कि जब वे संसद में अपनी बात रखेंगे तब तक देश का मिजाज बदल चुका होगा और देश चुनावी मोड में आ गया होगा।

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