ग्रामीण उपभोक्ताओं और किसानों के लिए अच्छी खबर, अब किस्तों में करें बिजली बिल का भुगतान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की सप्लाई कोड रिव्यू पैनल सब कमेटी की एक बैठक सेामवार को नियामक आयोग अध्यक्ष एस के अग्रवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी, जिसमें ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं व ग्रामीण किसानों के लिये किश्तों की सुविधा पर नया कानून बनाने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी जायेगी।

रिव्यू पैनल सब कमेटी की बैठक में जहॉं पावर कारपोरेशन की तरफ से मध्यॉंचल विद्युत वितरण निगम के प्रबन्ध निदेशक ए पी सिंह, निदेशक वितरण पावर कारपोरेशन विजय कुमार, नियामक आयोग के सचिव संजय श्रीवास्तव, नियामक आयोग के निदेशक, वितरण विकास चंद्र अग्रवाल उपस्थित थे वहीं प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से उ.प्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा भी बैठक में शामिल थे।

रिव्यू पैनल सब कमेटी की बैठक में शामिल सभी सदस्यों की पूर्ण सहमति के आधार पर विद्युत वितरण संहिता 2005 में होने वाले संशोधन में अब एक नया क्लाज जोड़ दिया गया है जिसमें कोई भी घरेलू ग्रामीण उपभोक्ता यदि अपने वर्तमान बिल के साथ बकाये की 10 प्रतिशत राशि को भुगतान करता है तो आगे उसको 6 मासिक किश्तों का अधिकार प्राप्त होगा।

इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र के किसानों यानि कि एलएमवी-5 के किसान यदि अपने वर्तमान बिल के साथ 20 प्रतिशत बकाया जमा करेंगे तो उन्हें भी 6 मासिक किश्तों का अधिकार होगा। अभी तक विद्युत वितरण संहिता में जो प्राविधान थे उसमें सभी विद्युत उपभोक्ताओं के लिये बकाये का 40 प्रतिशत जमा करने पर उसे 4 समान किश्तों का अधिकार था। अब यह व्यवस्था ग्रामीण व किसान को छोडकर अन्य सभी पर लागू यथावत रहेगी।

सप्लाई कोड रिव्यू पैनल की सब कमेटी में पैनल के सदस्य व उ. प्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा द्बारा यह मुददा उठाया गया कि पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक द्बारा आज जो किश्तों की सुविधा पर कानून बनाने जा रहे हैं उस पर उनके द्बारा बिना आयोग के अनुमोदन के पहले ही आयोग आदेश की प्रत्याशा में सभी कम्पनियों के लिये आदेश जारी किया जा चुका है जो विद्युत वितरण संहिता 2005 का उल्लंघन है।

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