ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं चिकित्सक: डा. दिनेश शर्मा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। गांव की चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करना है तो वहां जाना होगा। आप को डाक्टर बनाने में समाज का भी योगदान है। इसलिए समाज के क्षेत्र में डाक्टरों की सहभागिता बढ़ानी होगी।

उप मुख्यमंत्री शनिवार को केजीएमयू के कन्वेंशन सेन्टर में भाऊराव देवरस सेवा न्यास की ओर से सामाजिक समरसता में अन्त्योदय की भूमिका विषय पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार बेहतर कार्य कर रही है। आज के युग में हर व्यक्ति स्वास्थ्य रहे यह कठिन है। प्रदूषण के कारण नयी-नयी बीमारी आ रही है। इसलिए स्थाई राहत के लिए डॉक्टर को प्रयास करना चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दू मान्यता में जल, जमीन, जंगल और जीव से तादात्म्य है। अपने विचार विदेश में फलीभूत हुए। इसी तरह भारत के योग और आयुर्वेद को विश्व में प्रतिष्ठा मिली। विदेशों में अपनाने के बाद हम वह चीज अपना रहे हैं। डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में आयुष को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी काम कर रही है लेकिन सरकार सब कुछ नहीं कर सकती है। समाज के क्षेत्र में डाक्टर का योगदान बढ़ना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी की आर्थिक विषमता के कारण ठीक से विकास नहीं हो पा रहा है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन ने कहा कि दीनदयाल के सपने को पूरा करने वाली यह सरकार है। भौतिक वाद ने समाज में टूटन पैदा की। उन्होंने कहा कि भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा समाज हित में किये जा रहे कार्यों से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। इस मौके पर पद्श्री ब्रह्मदेव शर्मा भाई जी,डा. सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. बिन्द्रा प्रसाद मिश्र और कुलपति प्रो. एम.एल.भट्ट उपस्थित थे। कार्यक्रम में नाटक अन्त का उदय का विमोचन भी किया गया।

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