घर वापस लौट रहे प्रवासी पाए जा रहे कोरोना पॉजिटिव

लखनऊ: उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड लौटे प्रवासी श्रमिकों ने खतरे की घंटी बजा दी है। अब तक इन चार राज्यों में लौटे 11 लाख से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों में 317 संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 59 संक्रमित अकेले गुजरात से आए हैं। वहीं, दिल्ली-एनसीआर से 53 और महाराष्ट्र से 45 लोग संक्रमित होकर लौटे हैं। चारों राज्यों के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी इंतजामों से आने वाले सभी श्रमिकों की स्क्रीनिंग की गई है।

ढाई लाख में ट्रक से मुम्बई से बलिया पहुंचे 54 मजदूर: मुम्बई के वापी से एक साथ काम करने वाले 54 मजदूर दो लाख 54 हजार रुपये में एक ट्रक किराये पर लेकर अपने घर गाजीपुर, बलिया व बैरिया तहसील के अलग-अलग गांवों में सोमवार की रात पहुंचे।

उत्तरप्रदेश : संक्रमितों ने 33 को संक्रमित किया प्रदेश में अब तक कुल 102 प्रवासी श्रमिक संक्रमित पाए गए हैं। ये सभी ट्रक, बाइक, साइकिल, पैदल या अपने ही किसी अन्य साधन से आए हैं। इनमें से 46 गोरखुपर और आसापास के क्षेत्रों में मिले हैं। इनके संपर्क में आकर 33 अन्य भी संक्रमित हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार तक 9 लाख प्रवासी श्रमिकों को ट्रेनों व बसों से प्रदेश में लाया जा चुका है।

झारखंड : सर्वाधिक मामले सूरत से सामने आए सोमवार सुबह तक 40 हजार प्रवासी श्रमिक राज्य में पहुंचे थे। इनमें से लगभग 23 हजार ट्रेन और नौ हजार लोग बसों से आये। अधिकारियों के मुताबिक, बाहर से आए कुल 47 श्रमिक संक्रमित पाये गये हैं। इनमें सर्वाधिक 23 सूरत से लौटे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 8993 लोगों को सरकारी क्वारंटाइन केंद्रो में रखा गया है, शेष लोग होम क्वारंटाइन में हैं।

बिहार : सबसे ज्यादा 142 लोगों को संक्रमण विशेष ट्रेनों से सोमवार तक बिहार में सवा लाख प्रवासी श्रमिक व छात्र आए हैं। संक्रमण की जांच के लिए इन सब की स्क्रीनिंग की गई थी। 142 में कोरोना संक्रमण पाया गया। संक्रमित पाए गए 41 लोग एनसीआर, 36 महाराष्ट्र, 33 गुजरात, 10 तेलंगाना और तीन हरियाणा से आए हैं। बाहर से आए करीब एक लाख दस हजार लोगों क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है।

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