घोर कलियुग आने पर होगा यह नारद पुराण में बताई गई हैं यह बातें

देवऋषि नादर ब्रह्मा जी के 17 मानस पुत्रों में से एक हैं। नारद जी बुद्धि एवं ज्ञान में सभी से श्रेष्ठ है। इसीलिए देवता से लेकर असुर तक इनका सम्मान किया करते थे। नारद जी को भूत , भविष्य एवं वर्तमान सभी के बारे में सब ज्ञात रहता है। एक बार सैनिक ऋषियों से वार्ता के दौरान नारद जी ने कलयुग का वर्णन करते हुए यह बतलाया था कि जब घोर कलियुग आएगा तब भूमि पर मनुष्य का व्यवहार कैसा हो जाएगा।

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उन्होंने बताया था कि इस दौरान पाप।इतना अधिक बढ़ेगा कि सृष्टि का पूरा संतुलन अनियंत्रित हो जाएगा। आज हम आपको बताने वाले हैं कि इसके अतिरिक्त नारद पुराण में घोर कलयुग के किन लक्षणों के बारे में जिक्र किया गया है ।

अधर्म बन जाएगा बंधु

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बता दें कि नारद पुराण के अनुसार घोर कलयुग के आगमन पर सच्चे और इमानदार लोग केवल उपहास के पात्र बनकर रह जाएंगे और अधर्मी लोग का बोलबाला होगा ।अधर्म लोगों का बंधू बन जाएगा। इस दौर में लोग क्रूर विश्वासघाती एवं हृदय शून्य होंगे।

महत्वहीन होएगी शिक्षा

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घोर कलयुग में शिक्षक एवं गुरु का सम्मान नहीं किया जाएगा। शिक्षकों का सदाचार कम हो जाएगा । लोग अनुचित को ही अपना मार्ग बनाएंगे और धन कमाने के लिए ही व्याकुल होंगे। अर्जित करने के लिए लोग अच्छा बुरा कोई भी काम करने से पीछे नहीं हटेंगे ।

फलहीन होएगी पृथ्वी

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नारद पुराण के अनुसार बताया गया है कि घोर कलयुग में किसी का अंत हो जाएगा और किसान दुखी रहेंगे । बीज एवं फल नष्ट हो जाएंगे और भूमि फल हीन रह जाएगी। प्रकृति से लगातार हो रहे खिलवाड़ के कारण अनाज का खात्मा हो जाएगा।लोग कृषि छोड़कर के अन्य साधनों के तलाश में पलायन करने लगेंगे।

ऐसा होगा खान पान का व्यवहार

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कलियुग में लोग बिना शौच एवं स्नान के ही भोजन करेंगे। प्रभु का स्मरण किये बिना ही लोग केवल पेट भरने से मतलब रखेंगे। कलियुग में मांसाहार में वृद्धि होएगी।

इतनी हो जाएगी मनुष्य की आयु

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कलियुग में मनुष्य ब्राह्मण एवं साधुओं की निंदा करने लगेंगे। अधर्म की वृद्धि होगी एवं आडम्बर की प्रचुरता हो जाएगी। मानव की आयु घट कर केवल 20 वर्ष ही रह जायेगी।

धर्म की होगी हानि

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कलियुग में लोभ एवं क्रोध की अधिकता रहेगी। पाप की वृद्धि तेजी से होगी। गलत काम करने वाले लोगों में डर का अंत हो जाएगा। लोगों में लज्जा एवं भय नही रह जायेगा। बिना कारण के वाद विवाद में फँस कर लोग धर्म से विमुख हो जाएंगे। लोगों का भरोसा धर्म से उठ जाएगा।

महिलाओं का बदल जायेगा आचरण

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घोर कलियुग के समय में स्त्रियों का आचरण बदल जायेगा। स्त्रियों की वाणी में कोमलता लुप्त हो जाएगी। महिलाओं की स्वभाव में नकारात्मक ऊर्जा का वास होगा। पिता, पति की मर्यादा का उलंघन करना सामान्य बात हो जाएगी।

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