घड़ियाली आंसू बहाने वालों ने नहीं की किसानों की चिन्ता: मोदी

शाहजहांपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सरकार ने ये फैसला किया है कि गन्ने पर लागत मूल्य के ऊपर लगभग 80 प्रतिशत सीधा लाभ मिलेगा। धान, मक्का, दाल और तेल वाली 14 फसलों के सरकारी मूल्य में 200 रुपये से 1800 रुपये की बढ़ोतरी इतिहास में पहले कभी नहीं हुई। आज जो किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, उनके पास भी मौका था, लेकिन उन्हें इसकी चिन्ता नहीं थी। प्रधानमंत्री यहां रोजा स्थित रेलवे ग्राउन्ड पर किसाल कल्याण रैली को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत में शहीदों की नगरी शाहजहांपुर के जन-मन को प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि काकोरी से क्रांति की अलख जगाने वाले शहीदों और आपातकाल का डटकर सामना करने वालों को श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां के नौजवानों ने राष्ट्र निर्माण में जो भूमिका निभाई है, वह पूरे देश को प्रेरणा देने वाली है। इसी प्रकार का प्यार और उत्साह देश के कोने-कोने में मुझे देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों यूपी, पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाम में किसानों के बीच जाने का अवसर मिला। जहां भी गया, वहां किसानों ने जो आशीर्वाद दिया, उससे मैं अभिभूत हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पूर्व देशभर के गन्ना किसान उनसे भेंट करने आए थे, तब उन्होंने कहा था कि बहुत जल्द अच्छी खबर उनको मिलेगी। शाहजहांपुर में मैं वही वादा पूरा करने आया हूं। हाल ही में सरकार ने फैसला किया है कि आपको अब गन्ने पर लागत मूल्य के ऊपर लगभग 80 प्रतिशत सीधा लाभ मिलेगा। चीनी उत्पादन में वृद्धि को देखते हुए यह मूल्य तय किया गया है। गन्ना के प्रति कुंतल की लागत 155 रुपये आंकी जाती है। अब जो मूल्य तय किया गया है, वह लागत का लगभग दोगुना हो रहा है। यही कारण है कि पांच करोड़ गन्ना किसानों के हित में अनेक फैसले लिए गए हैं। आपके गन्ने का पूरा बकाया जल्द से जल्द मिले, इसके लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। चीनी के आयात पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाया गया। 20 लाख टन चीनी निर्यात करने की अनुमति दे दी गई। चीनी के लिए न्यूनतम मूल्य तय किया गया ताकि चीनी मिल नुकसान का बहाना न बना पाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले पैसे चीनी मिल को दिए जाते थे। हमने रुपये सीधे किसानों के खाते में जमा किए। किसानों को उनका हक दिलाया। इन्हीं प्रयासों का असर है कि पुराना बकाया निरंतर कम होता जा रहा है। बकाए के भुगतान की गति और तेज होने वाली है। देश के हर किसान परिवार के श्रम का सम्मान हो, यही केंद्र की सरकार और उत्तर प्रदेश की सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों से हमारा निरंतर प्रयास है कि गन्ना किसान की एक-एक पाई, उस तक समय पर पहुंचे। पुरानी सरकारों ने दशकों से जो व्यवस्था बना रखी थी, जो गठजोड़ बना रखे थे, हम उसे पूरी तरह तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। जब आवश्यकता से अधिक चीनी की पैदावार होती है तो किसानों का पैसा फंस जाता है। इसलिए सरकार ने फैसला लिया कि गन्ने से सिर्फ चीनी ही नहीं, गाड़ियों के लिए ईंधन भी बनाया जाए। गन्ने से ऐथेनॉल बनाना और इसे पेट्रोल में मिक्स करने का निर्णय लिया गया। चीनी मिलों को नई मशीनों के लिए आर्थिक मदद भी दी गई। उन्होंने कहा कि चार वर्ष पहले भारत में 40 करोड़ लीटर से कम ऐथेनॉल पैदा होता था। हमारी सरकार के आने के बाद लिए गए फैसलों से इस साल के अंत तक 160 करोड़ लीटर तक ऐथेनॉल का उत्पादन पहुंचेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐथोनॉल बनाने की कोई तकनीक नई नहीं है। न ही यह आइडिया हम लाए हैं। सब कुछ पहले से मौजूद था लेकिन काम इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि नीयत नहीं थी। उन्होंने कहा कि 15 वर्ष पूर्व अटल जी की सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। उसके बाद आई सरकार ने 10 वर्ष तक कछुए की चाल पर काम किया। अगर काम किया होता तो अतिरिक्त चीनी पैदा होने से किसानों का पैसा नहीं फंसता।

संसद में विपक्ष को धरायायी किया प्रधानमंत्री ने-योगी आदित्यनाथ

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शाहजहांपुर किसानों, क्रांतिकारियों की धरती है। आजादी के बाद पहली बार किसान सरकार की योजनाओं के केंद्र में हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद कहा था कि सरकार गरीब, किसान, नौजवान के विकास के लिए काम करेगी। आज प्रदेश सरकार भी इसी तरह काम कर रही है। विकास की योजनाओं पर जाति और धर्म के भेदभाव के बिना सबका विकास-सबका साथ के संकल्प के साथ कार्य हो रहा है। किसानों को उपज का डेढ़ गुना तक दाम दिलाने के लिए क्रांतिकारी कदम आगे बढ़ाए गए हैं। 2 करोड़ 33 लाख किसानों के खाते में एक लाख करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजने का काम किया गया है। इस वर्ष हमारी सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से 34 हजार करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान कर प्रदेश के किसानों के घरों में खुशहाली लाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पहले वर्ष के कार्यकाल में बिचौलियों के जरिए 7 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। हमने बिचौलियों को हटकार किसानों से सीधे उपज खरीदकर आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया। इस वर्ष 53 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद सीधे किसानों से की गई। प्रदेश में सरकार बनने के बाद किसानों की ऋण माफी का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। किसानों, दलितों, महिलाओं और नौजवानों को ध्यान में रखकर सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में कल प्रधानमंत्री ने विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब देकर उनके वक्तव्यों को धराशायी कर दिया। अविश्वास प्रस्ताव के भारी बहुमत से गिरने से साफ हो गया है कि 2019 में भी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में फिर से गरीबों के कल्याण के लिए काम करने वाली सरकार बनेगी।

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