चंदौली: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की थी पति की हत्या

चंदौली: रेलवे में टीटीई के पद पर कार्यरत मुगलसराय निवासी संजीव कुमार की हत्या के मामले में सोमवार को सत्र न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव द्वारा मुकदमे में अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस के पश्चात पत्नी व उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया। वहीं शव को छिपाने व साक्ष्य मिटाने के अपराध में प्रत्येक को पांच वर्ष की सजा व 20 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

मुगलसराय निवासी संजीव कुमार रेलवे में टीटीई के पद पर कार्यरत थे। 27 अप्रैल 2016 को जब वह डय़ूटी से वापस आ रहे थे।उसी दौरान उनकी पत्नी प्रीती व उसके प्रेमी सावन देवास निवासी दिल्ली ने मिलकर संजीव की हत्या कर दी। वहीं शव को छिपाने के लिए आवास के बगल में नेपाली बाड़ा में शव को फेंक दिया गया।साथ ही पत्नी द्वारा पुलिस को गलत सूचना देकर रिपोर्टदर्जकराया गया था।जिसमें मुगलसराय के तत्कालीन प्रभारी विनोद कुमार यादव द्वारा गहन विवेचना की गयी।विवेचना में पत्नी प्रीती के बेडरूम से उसके प्रेमी का पहचान पत्र, हवाईटिकट व रेलवे टिकटबरामद हुआ।

जिसके बाद पुलिस का शक पत्नी व प्रेमी पर हुआ। पुलिस की जांच पड़ताल में यह तय सामने आया कि पत्नी व उसके प्रेमी द्वारा मिलकर संजीव की हत्या कर दी गयी।वहीं घटना को अंजाम देने के बाद दोनों विष्णु प्रिया होटल में एक ही कमरे में एक साथ रुके।जहां उन्होंने अपने आपको पति-पत्नी बताया था।पुलिस ने उन दोनों को एक मई2016 को स्टेशन से उस समय गिरफ्तार करने में सफलता पायी। जब वह कहीं भागने की फिराक में थे।

न्यायालय में अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता जेपी सिंह तथा मृतक के परिजन के अधिवक्ता बंशनारायण सिंह, संजय सिंह, अमित सिंह, मिथिलेश सिंह द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।जिसपर सत्र न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव द्वारा पत्नी प्रीती व उसके प्रेमी सावन देवास को आजीवन कारावास की सजा सुनायी।साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदण्ड व शव को छिपाने व साक्ष्य को मिटाने के अपराध में 20 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper