चन्द रुपयों की खातिर बुजुर्ग बाप की गला रेतकर हत्या

मोहनलालगंज: जिस पिता ने बेटे के जन्म के बाद अपना खून पसीना एक कर उसे पालपोस कर बड़ा किया, उसी कलयुगी बेटे ने चन्द रुपयों की खातिर खेत में चारपाई पर सो रहे बुजुर्ग पिता की देर रात चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। इस वारदात ने पिता-पुत्र के रिश्ते को भी कलंकित कर दिया। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के दीवानगंज गांवमें गुरुवार देर रात गांव के बाहर खेत में बनी पक्की कोठरी के बगल ट्यूबवेल के पास चारपाई पर सो रहे बुजुर्ग प्यारेलाल(70) की नशे में धुत छोटे बेटे कल्लू ने चाकू से गला रेतकर हत्या कर हत्या कर दी। हत्या के बाद चाकू को पास ही पानी भरी हौदिया में फेंककर भाग गया। उसने कुछ दूरी स्थित एक फार्म हाउस पर जाकर कपड़े बदले और सो गया।

उसे इस बात की नाराजगी थी कि पिता उसे रपए नहीं दे रहे थे। शुक्रवार सुबह खेत में भूसा लेने गयी चाची ने खून से सना बुजुर्ग प्यारेलाल का शव चारपाई पर पड़ा देखा और परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद मृतक के दोनों बेटे नंदीलाल व कल्लू अपने परिवार के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर जीडी शुक्ला ने पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर छानबीन शुरू कर उच्चाधिकारियों को हत्या की सूचना दी, जिसके बाद मौके पर एसपी(ग्रामीण) विक्रांत वीर व सीओ आरके शुक्ला ने पहुंचकर जांच की। मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर ने दोनों बेटों को बुलाकर अलग-अलग पूछताछ की और डॉग स्क्वायड बुलाकर हत्यारोपित को पकड़ने की बात कही, जिसके बाद छोटा बेटा कल्लू सकपका गया और मौका मिलते ही फार्म हाउस पर खून से सने कपड़े उठाकर भगाने लगा।

पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पिता की चाकू से गला रेतकर हत्या किए जाने की बात कुबूल कर ली, जिसके बाद पुलिस ने मृतक के बड़े बेटे नंदीलाल की तहरीर पर छोटे बेटे कल्लू के खिलाफ हत्या की धारा में मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।बेची गयी जमीन के रुपयों में हिस्सा मांगता था : मृतक के बड़े बेटे नंदीलाल ने बताया उसके पिता ने तीन साल पहले दस बिस्वा जमीन एक प्लाटिगं कम्पनी को 40 लाख रुपये में बेची थी और मिले रुपयों मे से कुछ रपए से एक जमीन खरीद ली थी। बाकी रपए अपने खाते में जमाकर रखा था। छोटा भाई कल्लू अत्यधिक शराब पीने का आदी था और वो आये दिन पिता से बेची गयी जमीन से मिले रुपयों में अपना हिस्सा मांगता था, लेकिन पिता शराब पीने के लिए रपए देने से मना करते थे। वह कोई अच्छा काम करने पर ही रपए देने की बात करते थे जो छोटे बेटे को नागंवार गुजरती थी।

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