चाटुकारिता की पराकाष्ठा: लालू चालीसा, माया पुराण के बाद अब योगी चालीसा

आजकल राजनेताओं के प्रशस्ति गान का दौर चल रहा है। यह दौर पिछले कई साल से जारी है। नेताओं पर सबसे पहले लालू प्रसाद पर लालू चालीसा सामने आया था। लालू तब बिहार के मुख्यमंत्री होते थे। उस चालीसा में चाटुकारिता की सारी हदे पार कर गयी थी। इस घटना के बहुत दिनों बाद मायावती के एक भक्त ने माया पुराण लिखकर खलबली मचा दी। बसपा प्रमुख मायावती की तारीफ में ‘माया पुराण’ बहुत दिनों तक लोगों को गुदगुदाता रहा और हसाता भी रहा।

‘माया पुराण’ के लेखक डॉ. एमएल श्रीवास्तव हैं, जिन्होंने उप्र की मुख्यमंत्री मायावती के बचपन से लेकर राजनीति के शिखर तक की उनकी यात्रा का विस्तृत ब्योरा देकर उन्हें समतामूलक समाज की स्थापना की आराध्य देवी बताया है। अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक भक्त ने योगी चालीसा लेकर सामने आये हैं। हम इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे लेकिन पहले माया पुराण पर कुछ बातें।

माया पुराण अद्भुत है। 400 पृष्ठ के ‘माया पुराण’ में मायावती को महिमा मंडित करते हुए सात अध्यायों में उनका जीवन वृत्तांत, पारिवारिक पृष्ठभूमि और भारतीय राजनीति में उनके योगदान का उल्लेख है। गद्य में लिखे गए ‘माया पुराण’ में मायावती को जिस शून्य से शिखर की ओर ले जाने का प्रयास किया गया है, उसने ‘लालू चालीसा’ को भी बहुत पीछे छोड़ दिया।

इसमें दलितोत्थान में लगे बडे़-बड़े दलित नेताओं को मायावती के सामने इतना बौना बताया है कि चाटुकारिता की सारी सीमाएँ टूट गई हैं। समतामूलक समाज की स्थापना के ‘आदि देव’ कहे जाने वाले बाबू जगजीवन राम जैसे शीर्ष नेता को कांग्रेस के बंधुआ मजदूर की संज्ञा दी गई है।

डॉ. सरोजिनी नायडू, पद्मजा नायडू, अरुणा आसफ अली औऱ सुचेता कृपलानी से तुलना करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती को सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से इन महिलाओं से ऊँचे कद का आँका गया है। इस पुराण में मायावती को डॉ. भीमराव आम्बेडकर की मानस पुत्री बताते हुए उन्हें सामाजिक आंदोलन और देश में नए परिवर्तन की लहर लाने में उनके योगदान को जहाँ सराहा गया है, वहीं क्रांति दृष्टा बताते हुए जातिवाद की घिनौनी राजनीति के सख्त खिलाफ होने के साथ ही साथ भाईचारे की पोषक भी बताया गया।

अब उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवान मान कर पूजा की जा रही है। यही नहीं, योगी आदित्यनाथ का यह भक्त योगी चालीसा का पाठ भी रोजाना करता है. जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की राजधानी से सटे गोंडा जनपद के उमरी बेगमगंज निवासी सोनू ठाकुर वर्ष 2007 से ही योगी आदित्यनाथ को भगवान मान कर पूजा करता आ रहा है। ठाकुर की योगी आदित्यनाथ से मुलाकात वर्ष 2007 में ही हुई थी। योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद वह इतना प्रभावित हुआ कि उन्हें भगवान मान कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी।

वह आदित्यनाथ का इतना दीवाना है कि उसने योगी चालीसा ही रच डाली। सोनू ठाकुर के साथ उसके सहयोगी भी योगी आदित्यनाथ की आरती करते हैं. योगी से प्रेरित सोनू ठाकुर सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी भाग लेता है। वह अपने सहयोगियों के साथ सफाई अभियान, गौ सेवा आदि भी पूरे लगन के साथ करता है। योगी आदित्यनाथ से प्रेरित सोनू का कहना है कि अब वह पूरा जीवन योगी के बताये रास्ते पर ही चलेगा।

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