चारधाम यात्रा को लेकर सुरक्षित उत्तराखंड, रिकार्ड तोड़ने की चुनौती

देहरादून। उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा सीजन शुरू हो चुका है। श्रद्धालु धामों की यात्रा के लिए रवाना होने लगे हैं। शासन-प्रशासन सुरक्षित उत्तराखंड यात्रा के प्रचार-प्रसार में जुटा है। वर्ष 2013 की आपदा से एक साल पहले यानी वर्ष 2012 में जितने यात्री आए थे, उससे की ज्यादा साल 2018 में आए हैं। चारधाम यात्रा में वर्ष 2019 की यात्रियों की संख्या इससे आगे बढ़ने की संभावना की जा रही है। अब हर वर्ष यात्रा के सामने अपने पिछले रिकार्ड को तोड़ने की ही चुनौती है। सात मई को गंगोत्री-युमुनोत्री, नौ को केदारनाथ और दस मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

उत्तराखण्ड में वर्ष 2013 की प्राकृतिक आपदा को भूलकर चारधाम यात्रा अब हर वर्ष यात्रियों की संख्या के नए आंकड़े दर्ज करा रही है। चारधाम यात्रा में वर्ष 2018 में 27 लाख 81 हजार 428 यात्री पहुंचे। यह संख्या उत्साहित करने वाली इस लिहाज से है, क्योंकि वर्ष 2012 में इससे थोड़े कम यानी 27 लाख 23 हजार 311 यात्रियों ने उत्तराखंड का रुख किया था। वर्ष 2012 का यह वो समय था, जबकि आपदा के कोई निशान चार धाम यात्रा पर दूर दूर तक नहीं लगे थे। इसके बाद, स्थिति बिगड़ी लेकिन सात वर्ष बाद चारधाम यात्रा एक नए मुकाम पर आ खड़ी हुई है।

इसे लेकर शासन प्रशासन की ओर से भी सुरिक्षत उत्तराखण्ड को लेकर प्याप्त व्यवस्थाएं की जा रही है। यात्रा सीजन में यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं सहयोग आदि के लिए यात्रा रूट पर अस्थाई सीजनल पुलिस चौकियां स्थापित कर उनमें पर्याप्त पुलिस बल, क्यूआरटी, पीएसी, आईआरबी, होमगाड्र्स एवं पीआरडी स्वयं सेवकों को तैनात किया गया जा रहा है।

पर्यटन विकास परिषद में वर्ष 2013 की आपदा के बाद से हर वर्ष कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जा रही है। सुबह सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक यह काम कर रहा है। कंट्रोल रूम से मौमस, परिवहन, होटल बुकिंग, वाहन बुकिंग, किराया, दूरी, स्वास्थ्य चेकअप, मोबाइल ऐप, पंजीकरण आदि की जानकारी दी जा रही है। कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0135-2552628, 2552627 और 2552626 है। सात मई को गंगोत्री-युमुनोत्री, नौ को केदारनाथ और दस मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

चारधाम यात्रियों की वर्षवार संख्या
वर्ष कुल यात्री

2012 2723311
2013 1188073

2014 333088
2015 872529

2016 1513545
2017 2322611

2018 2781428

केदारनाथ
वर्ष यात्री संख्या

2012 573040
2013 333656

2014 40922
2015 154385

2016 309764
2017 471235

2018 731991

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