चार साल के बेटे ने शहीद पिता दारोगा प्रशांत को दिया मुखग्नि, मुख्यमंत्री योगी को बुलाने की जिद पर अड़े परिजन

बुलंदशहर: आगरा में शहीद हुए दारोगा प्रशांत यादव का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन करने के लिए हजारों की भीड़ एकत्र हो गयी। इस बीच दारोगा के बहनोई हुकुम सिंह चिता पर लेट गए और मुख्यमंत्री योगी को बुलाने की जिद करने लगे। कहा कि घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिये। काफी देर तक चले इस हंगामे के बाद किसी तरह जिला व पुलिस प्रशासन ने उन्हें शांत कराया।शहीद की बहन ने सीओ से न्याय की गुहार लगाते हुए हत्यारों से बदला लेने की बात कही है।

छतारी कस्बा निवासी शहीद दरोगा प्रशांत यादव को जिला व पुलिस प्रशासन ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम यात्रा छतारी स्थित श्मशान घाट के लिए रवाना हुई। यात्रा में मंत्री अशोक कटारिया, शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा, डीएम, एसएसपी समेत हजारों की भीड़ चल पड़ी। उनके चाहने वालों ने प्रशांत कुमार अमर रहे के नारे लगाए। इसके बाद घाट पर चार साल के बेटे पार्थ ने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।

छतारी थाना क्षेत्र स्थित मोहल्ला जनकपुरी में रहने वाले रमेश चंद के परिवार में वर्ष 1986 में जन्मे प्रशांत यादव वर्ष 2005 में उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। वर्ष 2010-11 में उनकी तैनाती आगरा मंडल में हुई थी। करीब दो वर्ष पूर्व उप निरीक्षक बने थे। बीते कुछ समय से वह खंदौली थाना में तैनात थे। परिवार के लोगों ने यह बताया कि 20 दिन पहले ही प्रशांत घर आये थे।

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