चीन-नेपाल के साथ विवाद पर बोले आर्मी चीफ जनरल नरवणे, कहा- हालात पूरी तरह नियंत्रण में

नई दिल्ली: भारत चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सीमा को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों देश बातचीत से इस विवाद को हल करने के पक्ष में हैं। वहीं, नेपाल के साथ भी रिश्तों में खटास आई है। ऐसे में अब आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने इन दोनों देशों को लेकर अपनी बात रखी। नरवणे ने भरोसा दिलाया है कि सीमा पर हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। नरवणे शनिवार को उत्तराखंड स्थित देहरादून में थे। यहां उन्होंने इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA POP 2020) की पासिंग आउट परेड में रिव्यूइंग ऑफिसर के तौर पर हिस्सा लिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में नरवणे ने कहा कि ‘मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि चीन के साथ हमारी सीमाओं पर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। हम बातचीत कर रहे हैं, जो कोर कमांडर स्तर की वार्ता के साथ शुरू हुई है और स्थानीय स्तर पर कमांडरों के समकक्ष रैंक के साथ शुरू की गई है।’

बता दें कि छह जून 2020 को भारत और चीन के कोर कमांडरों के बीच चूसूल-मोल्डो क्षेत्र में बैठक हुई थी। यह बैठक भारत-चीन सीमा से लगे क्षेत्रों में उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये दोनों पक्षों के बीच जारी राजनयिक और सैन्य संवाद जारी रखने के तहत हुई। उन्होंने कहा कि बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि स्थिति का जल्द समाधान दोनों देशों के नेताओं के मार्गदर्शन को ध्यान में रखकर हो। सैन्य सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों में बातचीत चलने के बावजूद, भारत ने लद्दाख, उत्तर सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे लगभग सभी संवेदनशील इलाकों में और सैनिकों की तैनाती की है जो चीन के समान सैन्य ताकत को बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि दोनों पक्षों का पैंगोंग और पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में आमने सामने का टकराव जारी है। सैन्य सूत्रों ने मंगलवार को दावा किया था कि दोनों देशों की सेनाओं ने गलवान घाटी और हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में गश्ती प्वांइट 14 और 15 पर पीछे हटना शुरू किया है और चीनी पक्ष दो क्षेत्रों में 1.5 किलोमीटर पीछे हटे हैं। भारत और चीनी सेना 5 मई से आमने सामने है। बहरहाल, इस पर अबतक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। बुधवार को दोनों पक्षों ने क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए मेजर जनरल स्तर की वार्ता की है। सूत्रों ने बताया कि साढ़े चार घंटे लंबी चली बातचीत में भारतीय शिष्टमंडल ने पूर्ण यथास्थिति को बहाल करने और तत्काल प्रभाव से उन इलाकों से चीनी सैनिकों की वापसी पर जोर दिया, जिन्हें भारत एलएसी पर अपना मानता है।

बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले 45 वर्षीय लगन यादव और अन्य को शुक्रवार को नेपाली बहू से मुलाकात भारी पड़ी क्योंकि नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के कर्मियों ने इस पर आपत्ति जताई जिससे बाद ग्रामीणों और नेपाली सुरक्षा कर्मियों में झड़प हो गई। इस झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए है। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि एपीएफ ने घटना के बाद लगन यादव को हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि घटना ‘नो मेन्स लैंड’ (दो देशों की सीमा के बीच का स्थान जिस पर किसी का अधिकार नहीं होता) से 75 मीटर भीतर नेपाल की सीमा में उस समय हुई जब कुछ महिलाएं और यादव अपनी बहू से बात कर रही थीं। सीमा पर गश्त कर रहे एपीएफ कर्मियों ने इन लोगों को भारतीय क्षेत्र में जाने को कहा।

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