चीन से सैन्य सामान मांग रहा रूस, भारत की बढ़ी टेंशन

नई दिल्ली: यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध को 19 दिन हो गए हैं। अमेरिकी मीडिया ने दावा किया है कि यूक्रेन में हमले तेज करने के लिए रूस अब चीन की मदद मांग रहा है। यूक्रेन में रूस ने अपनी काफी ताकत झोंक दी है। कई चरणों की बातचीत के बावजूद कोई हल नहीं निकल सकता है। ऐसे में युद्ध लंबा भी चल सकता है। हथियारों की कमी की वजह से अब रूस चीन से मदद मांग रहा है। रिपोर्ट में क हा गया है कि अमेरिका को अच्छी तरह पता है कि चीन से कौन से रक्षा उपकरण खरीदने से रूस और ज्यादा मजबूत हो सकता है। हालांकि चीन में वे रक्षा उपकरण अभी उपलब्ध नहीं है। दुनियाभर में उनकी ज्यादा डिमांड हैं इसलिए चीन के पास ऐसे उपकरणों की संख्या कम है।

रूस में रक्षा उपकरणों की संख्या में कमी आ गई है। ऐसे में उसे चीन पर निर्भर होना पड़ रहा है। भारत के लिए यह चिंता का विषय इसलिए है क्योंकि भारत के बहुत सारे प्रमुख हथियार रूस से ही आते हैं। भारत की सेना अब भी बड़ी मात्रा में हथियारों की खरीद रूस से करती है। ऐसे में अगर रूस के पास ही उपकरणों की कमी हो गई तो भारत को भी भविष्य में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। भारत के पास रूस के टी-90 टैंक, Su-30MKI फाइटर विमान और आईएनएस विक्रमादित्य है। भारत रूस के हथियार निर्माताओं पर विश्वास भी करता है।

भारत को इस बात की टेंशन है कि पश्चिमी देशों द्वारा लगाए जा रहे बड़े पैमाने पर प्रतिबंध की वजह से निर्यात में कमी आ सकती है। यूक्रेन में युद्ध की बात करें तो रूस अब भी कई प्रमुख शहरों में कब्जा नहीं कर पाया है। यूक्रेन अपने लोगों को प्रोत्साहित कर रहा है ऐसे में कई आम लोगों ने भी हथियार उठा लिए हैं। ऐसे में रूस चाहता है कि वह हवाई हमले औऱ तेज कर दे। हालांकि इसके लिए बड़ी मात्रा में हथियारों की जरूरत होगी।

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