छत्तीसगढ़ में ढाई साल में 1344 अन्नदाताओं ने की खुदकुशी

रायपुर: देश में अन्नदाताओं का क्या हाल है इस खबर को पढ़कर आप अंदाजा लगा सकते हैं। मामला छत्तीसगढ़ से जुड़ा हुआ है जहां ढाई साल में लगभग साढ़े 1300 किसानों ने खुदकुशी की। विधानसभा में आज कांग्रेस के सदस्य अमरजीत भगत के सवाल के लिखित जवाब में गृह मंत्री रामसेवक पैकरा ने बताया कि राज्य में वर्ष 2015—16 से 30 अक्टूबर 2017 तक आत्महत्या के कुल 14705 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इस अवधि में आत्महत्या करने वालों में 1344 लोग किसान थे तथा 13361 अन्य लोग थे।

पैकरा ने बताया कि इस दौरान आर्थिक तंगी के कारण 13 और कर्जदारी से पीड़ित होकर 19 व्यक्तियों ने आत्महत्या की है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने 25 मृतक के परिजनों को 16,35,924 रूपए की राहत राशि दी है। गृह मंत्री ने बताया कि इस अवधि के दौरान राज्य के सूरजपुर जिले के 224, बलौदा बाजार के 210, बालोद के 165, महासमुंद जिले के 134, बिलासपुर जिले के 85, बलरामपुर जिले के 70, मुंगेली जिले के 77, गरियाबंद जिले के 65, सरगुजा जिले के 63, जशपुर जिले के 53, बेमेतरा जिले के 51, कबीरधाम जिले के 45, राजनांदगांव जिले के 25, रायपुर जिले के 23, दुर्ग जिले के 18 और कोरिया जिले के 17 किसानों ने आत्महत्या की है।

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उन्होंने बताया कि इस दौरान धमतरी जिले के सात, जांजगीर चांपा जिले के चार, रायगढ़ जिले के तीन, कोंडागांव जिले के दो तथा रेल रायपुर, कोरबा और कांकेर जिले के एक एक किसान ने आत्महत्या की है।

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