छोटे उद्यमियों को मोदी का दिवाली गिफ्ट

नई दिल्ली: लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कई नए कदमों की घोषणा की। इसके तहत क्षेत्र की इकाइयों को मात्र 59 मिनट में एक करोड़ रपए तक के ऋण की आनलाइन मंजूरी का प्रावधान किया गया है। देश में एमएसएमई रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पंजीकृत एमएसएमई इकाइयां अब इस सुविधा के माध्यम से सिर्फ 59 मिनट में एक करोड़ रपए तक का ऋण हासिल कर सकती हैं।

उन्होंने जीएसटी के तहत पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को एक करोड़ रपए की सीमा में अतिरिक्त कर्ज पर ब्याज दर में दो फीसद की ब्याज सहायता दिए की भी घोषणा की। इस क्षेत्र के निर्यातकों के लिए प्रधानमंत्री ने निर्यात से पहले और बाद की जरूरत के लिए मिलने वाले कर्ज पर ब्याज सहायता को तीन फीसद से बढ़ाकर पांच फीसद किया गया है। प्रधानमंत्री ने छोटे एवं मझोले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए कुल 12 फैसलों का उल्लेख करते हुए इन्हें ‘‘ऐतिहासिक फैसला’ करार दिया है।

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मोदी ने कारोबार सुगमता रैंकिंग में 23 अंक की छलांग पर कहा कि उनकी सरकार ने चार वर्ष में जो हासिल किया उसकी बहुत से लोगों को कल्पना नहीं रही होगी। इस दौरान भारत ने जो हासिल किया वह दुनिया के किसी भी देश ने हासिल नहीं किया है। कारोबार सुगमता रैंकिंग में भारत 2014 में 142 स्थान से छलांग लगाकर 77वें पायदान पर पहुंच गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व बैंक के कारोबार सुगमता सूचकांक में शीर्ष-50 में भारत को जगह मिलना अब ज्यादा दूर नहीं है। उन्होंने कहा कि नियम और प्रकियाओं में सुधार से छोटे एवं मझोले उद्यमों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्यातकों को आपूत्तर्ि पूर्व और आपूत्तर्ि बाद की अवधि में जो ऋण मिलता है उसकी ब्याज दर में छूट को भी सरकार ने तीन से बढ़ाकर पांच फीसद करने का निर्णय लिया है।

इसके साथ ही उन्होंने छोटे उद्यमियों के नगदी प्रवाह को गति देने एवं बड़ी कंपनियों से भुगतान में विलंब पर होने वाली कठिनाइयों से राहत देने की घोषणा करते हुए कहा कि 500 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाली सभी कंपनियों को अब ट्रेड रिसीवेबल ई डिस्काउंट सिस्टम (टीआरईडीएस) प्लेटफार्म पर आना होगा जिससे छोटे उद्योग की नगदी प्रवाह की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी सरकारी कंपनियों के जेम प्लेटफार्म पर पंजीयन करने को अनिवार्य बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि अब सरकारी कंपनियों को अपने सभी वेंडर एमएसएमई को भी इस प्लेटफार्म पर पंजीकृत कराना होगा जिससे उनके द्वारा की जा रही खरीद में भी छोटे उद्योग को अधिक से अधिक लाभ मिल सकेगा।

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