जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले आरसंस के एमडी समेत सात पर 35 लाख की ठगी का मामला दर्ज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार निवासी कोल इंडिया के सेवानिवृत्त अधिकारी ने आरसंस इन्फ्रालैंड डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार श्रीवास्तव समेत सात लोगों पर 35 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक राम सूरत सोनकर ने बताया कि जांच की जा रही है।

गोमतीनगर विस्तार स्थित अलकनंदा अपार्टमेंट निवासी महेश प्रसाद सिंह माकन ने बताया कि उन्होंने 2010 में कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया था। प्रबंध निदेशक आशीष कुमार श्रीवास्तव, अंकुर श्रीवास्तव, मनीष कुमार श्रीवास्तव, शिखा श्रीवास्तव, तबस्सुम, तरन्नुम और कार्यालय अधीक्षक तरुण सिन्हा ने देवा रोड पर राम स्वरूप यूनिवर्सिटी के सामने स्थित योजना का नक्शा दिखाकर वहां प्लॉटिंग की जानकारी दी।

महेश ने 1000 वर्ग फीट के छह प्लॉट बुक कराए। उन्होंने रिश्तेदार मधुलिका, रागिनी प्रियंका, बिंदु कुमारी, रविंद्र प्रसाद शर्मा और रोशन रंजन को भी यहां प्लॉट दिलवाए। बकौल महेश प्रसाद, उन्होंने 52 लाख के कुल 19 प्लॉट बुक कराए। अब तक प्लॉट की किस्तों के रूप में वह 35,12,000 रुपये दे चुके हैं। कई बार प्रबंध निदेशक व अन्य से कब्जा दिलाने को कहा, लेकिन वे टालते रहे। इस बीच पता चला कि प्रबंध निदेशक जिस जमीन को अपनी बता रहे थे, वह उनकी नहीं है। उन्होंने फर्जी बैनामा दिखाकर लोगों को झांसे में लिया। प्रबंध निदेशक और उसके साथी कर्मचारियों ने संगठित गिरोह बनाकर ठगी की है।

महेश ने रकम वापस मांगी तो जान-माल की धमकी देते हुए भगा दिया। पीड़ित का कहना है कि कंपनी संचालकों ने उनसे 13,98,000, रोशन रंजन से 4,42,000, रविंद्र प्रसाद शर्मा से 4,42,000, बिंदु कुमारी से 4,42,000, रागिनी प्रियंका से 4,42,000 व मधुलिका से 3,46,000 रुपये ठगे हैं। महेश प्रसाद सिंह माकन का कहना है कि कंपनी संचालकों ने लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराकर अन्य कारोबार में लगा दिए। उन्होंने बेनामी संपत्ति खरीदी। होटल, टूर एंड ट्रैवल कंपनी, दवा कंपनी, बॉटलिंग प्लांट समेत अन्य कारोबार शुरू किए।

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