जन सेवा के प्रति मोदी सरकार संवेदनशील, 33 करोड़ से अधिक गरीबों को दी 31,235 करोड़ रुपए की वित्तीय मदद

नई दिल्ली: मोदी सरकार द्वारा कोरोना वायरस पर शीघ्र नियंत्रण पाने हेतु राष्ट्र-स्तरीय लॉकडाऊन घोषित किया हुआ है। यह एक ओर इस महामारी के केसों को बढऩे व इसके प्रभाव से बचने हेतु जहां कारगर साबित हो रहा है वहीं पर इसके कारण निर्धन-जन पर वित्तीय बोझ, कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ज्यादा से ज्यादा हल करने हेतु केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कोविड-19 के आर्थिक जवाब के रूप में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा 26 मार्च, 2020 को की है। सरकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल तक डिजिटल भुगतान अवसंरचना का उपयोग करते हुए 33 करोड़ से भी अधिक गरीब लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी) के तहत सीधे तौर पर 31,235 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के एक हिस्से के रूप में सरकार ने महिलाओं और गरीब वरिष्ठ नागरिकों एवं किसानों को मुफ्त में अनाज देने और नकद भुगतान करने की घोषणा की। इस पैकेज के त्वरित कार्यान्वयन पर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा निरंतर पैनी नजर रखी जा रही है। वित्त मंत्रालय, संबंधित मंत्रालय, मंत्रिमंडलीय सचिवालय और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) यह सुनिश्चित करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं कि राहत के उपाय तेजी से और लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर जरूरतमंदों तक अवश्य ही पहुंच जाएं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत 22 अप्रैल 2020 तक लाभार्थियों को निम्नलिखित योजना के तहत मदद की गई है:

39.27 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त राशन वितरित किया

अगले 3 महीने 12 किलो अनाज बेहद सस्ते …
अप्रैल के लिए निर्धारित 40 लाख मीट्रिक टन में से अब तक 40.03 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उठाव 36 राज्योंध्केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जा चुका है। अप्रैल 2020 की पात्रता के रूप में 1.19 करोड़ राशन कार्डों द्वारा कवर किए गए 39.27 करोड़ लाभार्थियों को 19.63 लाख मीट्रिक टन अनाज 31 राज्योंध्केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा वितरित किए गए हैं। 1,09,227 मीट्रिक टन दलहन भी विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को भेजी गई है।

2.66 करोड़ मुफ्त उज्ज्वला सिलेंडर बांटे गए

उज्ज्वला योजना: उज्ज्वला योजना के …

इस पीएमयूवाई योजना के तहत अब तक कुल 3.05 करोड़ सिलेंडर बुक किए जा चुके हैं और 2.66 करोड़ पीएमयूवाई मुफ्त सिलेंडर पहले ही लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं।

3 माह के लिए ईपीएफ अंशदान, कुल 10.6 लाख कर्मचारी अबतक लाभान्वित
100 कामगारों तक के प्रतिष्ठानों में प्रति माह 15000 रुपये से कम वेतन प्राप्त करने वाले ईपीएफओ सदस्यों के योगदान के रूप में वेतन के 24 प्रतिशत का भुगतान। अप्रैल, 2020 हेतु इस योजना के लिए ईपीएफओ को 1000 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। 78.74 लाख लाभार्थियों और संबंधित प्रतिष्ठानों को सूचित कर दिया गया है। घोषणा को लागू करने के लिए एक योजना को अंतिम रूप दे दिया गया। प्रायरू पूछे जाने वाले प्रश्न वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। कुल 10.6 लाख कर्मचारी अब तक लाभान्वित हुए हैं और 68,775 प्रतिष्ठानों में कुल 162.11 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। इसके साथ ही ईपीएफओ के 6.06 लाख सदस्यों ने अब तक 1954 करोड़ रुपये की ऑनलाइन निकासी की है। इसके अलावा बढ़ी हुई मजदूरी दर को अधिसूचित कर दिया गया है जो 01 अप्रैल 2020 से प्रभावी है। चालू वित्त वर्ष में 1.27 करोड़ कार्य-दिवस सृजित हुए। इसके अलावा, मजदूरी और सामग्री दोनों के लंबित बकाये को समाप्त करने के लिए राज्यों को 7300 करोड़ रुपये जारी किए गए।

22.12 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों का बीमा
सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए बीमा योजना लागू की गई जिसमें 22.12 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को कवर किया गया है।

8 करोड़ किसानों हेतु 16,146 करोड़ सहायता राशि भेजी
कुल वितरित राशि में से 16,146 करोड़ रुपये पीएम-किसान की पहली किस्त के भुगतान में लगाए गए हैं। योजना के तहत 8 करोड़ चिन्हित लाभार्थियों में से सभी 8 करोड़ के खातों में 2,000-2,000 रुपए सीधे डाले गए हैं।

पीएमजेडीवाई महिलाओं खाताधारकों हेतु 10,025 करोड़
चूंकि भारत में बड़ी संख्या में घरों का प्रबंधन मुख्यतरू महिलाओं द्वारा ही किया जाता है, इसलिए पैकेज के तहत 20.05 करोड़ महिला जन धन खाताधारकों को अपने खाते में 500-500 रुपये प्राप्त हुए। 22 अप्रैल, 2020 तक इस मद में कुल वितरण 10,025 करोड़ रुपये का हुआ।

वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को 1405 करोड़ की सहायता
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत लगभग 2.82 करोड़ वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को तकरीबन 1,405 करोड़ रुपये वितरित किए गए। प्रत्येक लाभार्थी को इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 500 रुपये की अनुग्रह राशि प्राप्त हुई। 500-500 रुपये की एक और किस्त का भुगतान अगले महीने किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने 2.17 करोड़ भवन एवं निर्माण श्रमिकों को राज्य सरकारों द्वारा प्रबंधित भवन और निर्माण श्रमिक कोष से वित्तीय सहायता मिली। इसके तहत लाभार्थियों को 3,497 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

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