जब एक महिला के लिए रेलवे ने 45 मिनट तक रोकी ट्रेन, ये है पूरा मामला…

हरदा । लखनऊ (Lucknow) से चलकर छत्रपति शिवाजी महराज टर्मिनल (Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminal) तक जाने वाले पुष्पक एक्सप्रेस (Pushpak Express) में झांसी ( Jhansi) से कल्याण (Kalyan) जा रहे एक दंपति को दोहरी खुशी मिली है. टिमरनी और हरदा (Timarni-Harda) के बीच महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया. इसके बाद हरदा में ट्रेन को 45 मिनट तक रोका गया. दोनों बच्चे और प्रसूता (Children and Maternity) स्वस्थ हैं. उन्हें हरदा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बच्चों के जन्म से पूरी बोगी की सवारी खुश हो गई. उन्होंने महिला और उसके पति को बच्चों के जन्म पर शुभकामनाएं दी.

पूरा मामला यह है कि महिला और उसका पति पुष्पक एक्सप्रेस के S4 कोच में बैठकर कल्याण जा रही थी. महिला के पति जितेंद्र ने बताया कि जैसे ही पुष्पक एक्सप्रेस इटारसी रेलवे स्टेशन से निकली पूर्णिमा को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. इसके बाद यात्रियों ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी. RPF अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में प्राथमिक उपचार के बाद रेल पुलिस के जवानों ने जच्चा-बच्चा दोनों को जिला अस्पताल पहुंचा दिया.

आपात स्थिति को देखते हुए रेल प्रशासन ने ट्रेन को हरदा स्टेशन पर रोक लिया. जहां पहले से ही डॉक्टर और परिचारकों की टीम एम्बुलेंस के साथ उपस्थित थी. प्रसव पीड़ा के कारण ट्रेन करीब 45 मिनट तक हरदा में रुकी रही. हरदा स्टेशन पहुंचे डॉक्टर ने ट्रेन में ही बच्चों का जन्म कराया. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. तब कही जाकर ट्रेन हरदा से रवाना हुई. बता दें हरदा में ट्रेन का स्टॉपेज ही नहीं था.

महिला के पति जितेंद्र कुमार मोहता ने बताया कि वह अपनी पत्नी पूर्णिमा (21) निवासी कल्याण को पुष्पक एक्सप्रेस से पत्नी की बहन के घर झांसी से लेकर घर कल्याण जा रहा था. तभी रास्ते मे टिमरनी और हरदा के बिच उसने दो बच्चों को जन्म दिया. इधर आरपीएफ के जवान मुकेश राजपूत व नंदकिशोर पटेल ने तत्काल महिला को मदद कर संजीवनी 108 से जिला अस्पताल लाए जहां महिला को सुरक्षित भर्ती करवाया है. महिला के पति ने सह यात्रियों और रेल प्रशासन का आभार जताया है.

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... -------------------------
--------------------------------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper