जस्टिस चेलमेश्वर के घर पहुंचे जस्टिस नागेश्वर और जस्टिस बोबड़े

देश की सर्वोच्च अदालत की प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर उपजे विवाद और सवाल के बीच बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा से मिलने का समय मांगा है. वहीं इस ‘सुप्रीम संकट’ को सुलझाने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया का एक प्रतिनिधि मंडल, जिसमें चेयरमैन मनन मिश्रा भी शामिल हैं, रविवार सुबह जस्टिस चेलमेश्वर के घर पहुंचा.

बार काउंसिल के सदस्यों के बाद जस्टिस नागेश्वर राव और जस्टिस एसए बोबड़े जस्टिस चेलमेश्वर के आवास पहुंचे. 12 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भी जस्टिस बोबड़े चेलमेश्वर से मिले थे. जस्टिस बोबड़े अगले चीफ जस्टिस की रेस में भी शामिल हैं.

जस्टिस चेलमेश्वर से मिलने के बाद एक सदस्य ने बताया कि वे सीजेआई और अन्य तीन जजों से मिलने के बाद ही कोई बयान देंगे. जस्टिस चेलमेश्वर से मुलाकात के बाद बार काउंसिल के सदस्य सुप्रीम कोर्ट के जज अरुण मिश्रा से मिलेंगे. इसके बाद शाम साढ़े छह बजे प्रतिनिधि मंडल जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस कुरियन जोसेफ से मुलाकात करेगा.

बता दें कि 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस मदन बी लोकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीजेआई के कार्य करने के तरीके पर सवाल उठाया था.

विवाद सुलझाने के लिए बार काउंसिल ने बनाई टीम

बार काउंसिल ऑफ इंडिया की शनिवार को दिल्ली में बैठक हुई. बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पांच वरिष्ठतम न्यायाधीशों को छोड़कर उच्चतम न्यायालय के अन्य सभी न्यायाधीशों के साथ मौजूदा संकट पर चर्चा के लिए सात सदस्यीय टीम का गठन किया है.

अन्य न्यायाधीशों की राय लेगी बार काउंसिल की टीम

बीसीई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि टीम अन्य न्यायाधीशों की राय लेगी, उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दों को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए. साथ ही बीसीई ने कहा कि रोस्टर या मामलों के आवंटन को लेकर न्यायाधीशों के बीच चाहे जो भी मतभेद हो, सार्वजनिक तौर पर राय जाहिर किए बिना अंदरूनी व्यवस्था के जरिए उसका समाधान किया जाना चाहिए.

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper