जानिए वो सपने जो देते हैं गंभीर बीमारी का संकेत

सोते हुए सपने देखना आम बात है। कहा जाता है कि जो दिन भर में व्यक्ति सोचता है वही सपने में दिखाई देता है। लेकिन कई बार कुछ सपने ऐसे आ जाते हैं जो हमे परेशान कर देते हैं। समुद्र शास्त्र कहता है कि हर एक सपने का कुछ न कुछ मतलब होता है जो भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत देता है। यहां हम जानेंगे उन सपनों के बारे में जो किसी गंभीर बीमारी के होने की तरफ इशारा करते हैं।

– समुद्र शास्त्र अनुसार यदि सपने में आप खुद को तेल, दूध, दही, घी आदि से मालिश करते हुए देखें तो इसका मतलब है कि आप भयंकर रोग की चपेट में आ सकते हैं। ऐसा सपना देखने पर आप तुरंत चिकित्‍सक के पास जाकर अपनी पूरी जांचें करवाएं।

– यदि सपने में कोई व्‍यक्ति माथे पर लाल चंदन या तिलक लगाए दिखे इसे भी स्वास्थ्य की दृष्टि से शुभ नहीं माना गया है।

– अगर आपको सपने में कोई व्यक्ति स्‍नान करने वाली स्‍त्री का आलिंगन करते दिखे तो यह सपना गंभीर बीमारियों से घिरने का संकेत देता है।

– सपने में किसी भयानक आकृति वाले व्‍यक्ति को देखना भी स्वास्थ्य बिगड़ने का संकेत देता है।

– सपने में किसी जटाधारी साधु को देखना या फिर अपने शरीर के अंगों पर घास उगते देखना भी सेहत के लिए अच्छा सपना नहीं माना जाता है।

– वहीं स्‍वप्‍नशास्‍त्र अनुसार जलाशय देखना भी अच्‍छा नहीं माना जाता है।

– सपने में सर्प, वानर या फिर रीछ आदि का दिखाई देना भी शुभ नहीं माना जाता है। साथ ही सपने में किसी औरत या फिर कन्‍या को रोते हुए देखना भी अशुभ संकेत है। ऐसा होने पर आप गंभीर रूप से बीमार पड़ सकते हैं।

– वहीं सपने में मलत्‍याग के लिए जाना भी पेट की बीमारियों की तरफ इशारा करता है।

– सपने में अपने शरीर पर दूध और शहद का लेप करते हुए देखना भी सेहत बिगड़ने का संकेत देता है।

– किसी महिला को सपने में काले कपड़े पहने हुआ देखना या फिर किसी पुरुष से संबंध बनाते हुए देखना अशुभ संकेत है। ये आपकी सेहत खराब होने का संकेत देता है।

– यदि रात को सोते हुए सपने में किसी के नाखून या फिर बाल गिरते हुए दिखें यह सपना भी किसी गंभीर बीमारी को होने की सूचना देता है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... -------------------------
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper