जानिए 1 जून के बाद लॉकडाऊन में देश में क्या खुला रह सकता है, किस पर लगेंगी सख्त बंदिशें

नई दिल्ली: राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का चौथा चरण तीन दिन बाद पूरा हो जाएगा और इसके बाद के चरण में केंद्र की ओर से एक नया रोडमैप के आने की संभावना है, जिसमें मॉल और रेस्तरां को खोलने की छूट दी जा सकती है। इस बात की प्रबल संभावना है कि केवल कंटेनमेंट जोन में प्रतिबंध लागू रहेंगे और बाकी के कई क्षेत्रों को खोलने की अनुमति दे दी जाएगी। राष्ट्रव्यापी बंद 5.0 में दिल्ली मेट्रो शुरू करने से लेकर और अधिक बाजार खोलने की योजना सिरे चढ़ सकती है। इसके साथ ही धार्मिक स्थलों को भी खोले जाने की संभावना है।

मगर सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) के नियम, फेस मास्क और आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप का इस्तेमाल हर जगह जरूरी होगा, जोकि एक प्रकार का एंट्री टिकट ही माना जाएगा। मौजूदा लॉकडाउन की अवधि 31 मई को समाप्त हो जाएगी और माना जा रहा है कि अगला राष्ट्रव्यापी बंद कम से कम 10 दिनों तक तो विस्तारित किया ही जाएगा। लेकिन, इस दौरान शिक्षण संस्थानों को केवल ऑनलाइन कक्षाएं लगाने की ही अनुमति होगी। केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन और राजनीतिक आयोजनों के साथ-साथ मॉलों, सिनेमा हॉलों पर लगी पाबंदी कायम रख सकती है। जहां तक बात स्कूल खोलने और मेट्रो ट्रेन सर्विस बहाल करने की है तो इन पर गेंद राज्यों के पाले में डाला जा सकता है।

आगामी राष्ट्रव्यापी बंद के लिए प्रतिबंधों की नई श्रेणी में केंद्र कंटेनमेंट जोन पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा, जहां पॉजिटिव मामलों व उनके संपर्कों की मैपिंग करने के साथ हालात को भौगोलिक रूप से परिभाषित करना होगा। इससे अधिकारी बंद के सख्त प्रोटोकॉल लागू करने में सक्षम होंगे। सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 5.0 में घातक वायरस के खिलाफ एक अलग ही लड़ाई लड़ी जाएगी, जिससे अब तक 1.65 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुकी हैं।कोरोना वायरस की चपेट में आकर देश में अब तक 4,706 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। देश फिलहाल कोरोना से अत्यधिक पीडि़त देशों की सूची में नौवें स्थान पर पहुंच चुका है।

नगर निगम एक जून से यह तय करेंगे कि आवासीय कॉलोनियों, मुहल्लों, नगरपालिका वाडरें, पुलिस-स्टेशन क्षेत्रों, नगरपालिका क्षेत्रों और कस्बों आदि को कंटेनमेंट जोन के रूप में घोषित किया जा सकता है या नहीं। विस्तारित बंद के नए दिशानिर्देश कोरोना की चपेट में आए 13 सबसे अधिक पॉजिटिव मामलों वाले शहरों के लिए तुलनात्मक रूप से बहुत सख्त होंगे। इन शहरों को सबसे खराब कोविड-19 प्रभावित स्थान माना जाता है। इनमें पूरे देश के लगभग 70 फीसदी पॉजिटिव मामले देखने को मिले हैं।

जिन 13 शहरों पर विशेष तौर पर फोकस रहेगा, उनमें मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद, ठाणे, पुणे, हैदराबाद, कोलकाता के साथ ही हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जोधपुर और चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर शामिल हैं। विस्तारित बंद के लिए गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए जाने वाले नए दिशानिर्देश राज्यों को केंद्र के मानदंडों को कमजोर किए बिना उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सख्त कदम उठाने की शक्ति देंगे। इस तरह के संकेत गुरुवार को आयोजित दो विस्तृत बैठकों में मिले हैं। पहली बैठक कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में और दूसरी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ली गई थी। दोनों बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुईं।

राज्यों के विभिन्न सुझावों के बीच, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बंद के विस्तार की मांग की है, लेकिन उन्होंने प्रतिबंधों के साथ रेस्तरां खोलने की अनुमति की भी वकालत की। ज्यादातर राज्यों ने अगले चरण में अधिक गतिविधियों को शुरू करने की अनुमति के साथ लॉकडाउन के विस्तार के बारे में बात की। छत्तीसगढ़ सरकार ने फैसला किया है कि दुकानों को सामाजिक दूरी की पालना करते हुए सप्ताह में छह दिन खोलने की अनुमति दी जाएगी।

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