जार्ज फर्नांडीज के निधन से राजनीति का एक तूफान थम गया : राज्यपाल

लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने मंगलवार को वरिष्ठ राजनेता जार्ज फर्नांडीज के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि जार्ज फर्नांडीज के निधन से राजनीति का एक तूफान थम गया है।

फर्नांडीज होटल मजदूर यूनियन से राजनीति में आये थे। उनके नेतृत्व में बस-टैक्सी एवं रेल यूनियन ने हड़ताल की जो देश की सबसे बड़ी हड़ताल के रूप में दर्ज है। जार्ज फर्नांडीज ऐसे नेता थे जो सदन में जनता एवं कामगारों की सशक्त आवाज थे। उन्होंने कहा ऐसे निर्भिक एवं मजदूरों के हितों के लिए लड़ने वाले योद्धा का निधन एक अपूरणीय क्षति है।

नाईक ने जार्ज फर्नांडीज की स्मृतियों को ताजा करते हुये कहा कि 1967 में चौथी लोकसभा के चुनाव में दक्षिण मुंबई सीट से जार्ज फर्नांडीज ने कांग्रेस के मजबूत प्रत्याशी एसके पाटिल को हराकर संसदीय राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने केवल दो पोस्टर से ही अपना चुनावी अभियान चलाया था, पहला ‘पानी’ तथा दूसरा ‘एसके को भी हरा सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि जार्ज फर्नांडीज ने आपातकाल का विरोध किया जिसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

राज्यपाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में जार्ज फर्नांडीज रक्षा मंत्री थे, जिन्हें अटल जी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का प्रमुख नियुक्त किया था। जार्ज फर्नांडीज के कार्यकाल में रक्षा विभाग बुलन्दी पर पहुंचा था। रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त जार्ज फर्नांडीज ने रेलवे एवं उद्योग मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और जार्ज फर्नांडीज में कुछ समानतायें थी। ऐसे राजनेताओं के निधन से गरीबों एवं कामगारों की राजनीति में एक शून्य उत्पन्न हो गया है।

राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करने के साथ-साथ ईश्वर से परिजनों को इस दारूण दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना भी की है।

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