शत्रुघ्न सिन्हा ने आज सफाई देते हुए कहा, ‘मैंने जो भी कुछ कहा, उसकी वजह जुबान का फिसलना था। मैं उस वक्त मौलाना आजाद का नाम लेना चाह रहा था, लेकिन मेरे मुंह से मोहम्मद अली जिन्ना का नाम निकल गया। मैं अचंभित हूं। इसमें किसी तरह की गलती नहीं, जिसके लिए अफसोस किया जाए या माफी मांगी जाए। मैं प्रधानमंत्री मोदी की तरह मुद्दों को भटकाना नहीं जानता हूं। जब पीएम ने कहा कि 600 करोड़ लोगों को रोजगार दिया, तो उनके जुबान फिसलने पर कोई सवाल क्यों नहीं पूछा जाता है।’

बता दें छिंदवाड़ा में चुनावी जनसभा के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘यह कांग्रेस परिवार महात्मा गांधी से लेकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल से लेकर, मोहम्मद अली जिन्ना से लेकर, जवाहर लाल नेहरू से लेकर, स्वर्गीय इंदिरा गांधी से लेकर, राजीव गांधी से लेकर, राहुल गांधी से लेकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस इनकी पार्टी है, जिनका देश की तरक्की में, देश की आजादी में सबसे बड़ा योगदान हुआ इसलिए हम कांग्रेस में आए।’

शत्रुघ्न सिन्हा के इस बयान के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और सांसद मनोज तिवारी ने उनपर निशाना साधा। शाह ने कहा, ‘जब शत्रुघ्न बीजेपी में थे तो राष्ट्रप्रेम की बात करते थे, कांग्रेस में जाते ही जिन्ना की तारीफ करने लगे।’ वहीं बीजेपी के नेता और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से उम्मीदवार मनोज तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग जिन्ना पर गर्व कर रहे हैं वो देश का क्या हाल करेंगे, यह भी विचार करने वाली बात है।

इस बारे में जब कांग्रेस नेता पी चिदंबरम से पूछा गया तो उन्होंने कहा, शत्रुघ्न सिन्हा के जो भी विचार हैं, उन्हें एक्सप्लेन करना चाहिए। लेकिन कुछ दिनों पहले तक वह बीजेपी का हिस्सा थे। इसलिए बीजेपी को बताना चाहिए कि वह इतने समय तक बीजेपी में क्यों थे। मुझे कांग्रेस के हर सदस्य के बयान पर सफाई नहीं देनी है। मैं सिर्फ पार्टी की अधिकारिक स्थिति पर बात कर सकता हूं।